‘सेवा ही संकल्प’: लोक सेवा दिवस पर CM भजनलाल का बड़ा संदेश—टीमवर्क से बदलें राजस्थान की तस्वीर, 9 उत्कृष्ट लोक सेवक सम्मानित

योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाने पर जोर, 25 योजनाओं में राजस्थान अग्रणी—समन्वय, नवाचार और पारदर्शिता को बनाया मंत्र

‘सेवा ही संकल्प’: लोक सेवा दिवस पर CM भजनलाल का बड़ा संदेश—टीमवर्क से बदलें राजस्थान की तस्वीर, 9 उत्कृष्ट लोक सेवक सम्मानित

अनन्य सोच। लोक सेवा दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोक सेवकों को सेवा, समर्पण और नवाचार का मंत्र देते हुए कहा कि टीमवर्क और समन्वय के जरिए ही जमीनी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने लोक सेवकों से आह्वान किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

एचसीएम रीपा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘मिशन कर्मयोगी’ लोक सेवकों को दक्ष और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सतत प्रयासों और प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते राजस्थान 11 योजनाओं में देश में प्रथम, 5 में द्वितीय और 9 में तृतीय स्थान पर है—जो सुशासन की मजबूत मिसाल है।

भ्रष्टाचार और पेपर लीक पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने एसआईटी बनाकर सख्त कार्रवाई की है, जिससे उनके कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।

विकास और विरासत का संतुलन
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य में एक्सप्रेस-हाईवे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और सोलर पार्क जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है। ‘राइजिंग राजस्थान’ के जरिए निवेश को बढ़ावा मिला है, वहीं मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान से ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

9 लोक सेवकों को उत्कृष्टता सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री ने सुश्री आरती डोगरा, श्री सिद्धार्थ महाजन, डॉ. खुशाल यादव, श्री रोहिताश्व सिंह तोमर, श्री राजीव तोमर, श्री कृष्ण कुणाल, श्रीमती गायत्री ए. राठौड़, श्री नकाते शिवप्रसाद मदन और श्री पी. बालामुरुगन को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि एक विकसित राजस्थान का सपना तभी साकार होगा जब हर लोक सेवक ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करेगा।