पानी संकट टला, विकास को रफ्तार: PHED कांट्रैक्टर्स की हड़ताल स्थगित, सरकार से समझौते के बाद बड़ा फैसला

5 मई 2026 तक टला आंदोलन—₹5000 करोड़ भुगतान का आश्वासन, जलापूर्ति और परियोजनाओं को मिलेगी नई गति

पानी संकट टला, विकास को रफ्तार: PHED कांट्रैक्टर्स की हड़ताल स्थगित, सरकार से समझौते के बाद बड़ा फैसला

अनन्य सोच। प्रदेशभर में पेयजल संकट की आशंकाओं के बीच बड़ी राहत की खबर आई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कांट्रैक्टर्स ने पिछले 10 दिनों से जारी अपनी हड़ताल को राज्य सरकार के साथ हुई सकारात्मक और परिणामदायी वार्ता के बाद स्थगित कर दिया है। इस फैसले से जलापूर्ति व्यवस्था सुचारु रहने के साथ-साथ रुके हुए विकास कार्यों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

यह महत्वपूर्ण निर्णय जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के साथ हुई विस्तृत बातचीत के बाद लिया गया। कांट्रैक्टर्स ने आपसी सहमति से आंदोलन को 5 मई 2026 तक स्थगित रखने का ऐलान किया है।

सरकार का सकारात्मक रुख, भुगतान पर बड़ा भरोसा
वार्ता के दौरान सरकार ने कांट्रैक्टर्स की प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अहम फैसले लिए। मई 2026 तक ₹2500 करोड़ और जून 2026 के अंत तक अतिरिक्त ₹2500 करोड़ भुगतान सुनिश्चित करने का भरोसा दिया गया है।

इन मुद्दों पर बनी सहमति

  • मई 2024 तक पूर्ण कार्यों पर एलडी (लिक्विडेटेड डैमेज) में राहत

  • प्राइस वेरिएशन क्लॉज वाले टेंडर्स में नियमानुसार लाभ

  • 90% पूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता देकर शीघ्र हैंडओवर

  • जीएसटी अंतर राशि के भुगतान के लिए 10 दिनों में प्रस्ताव

आमजन को राहत, विकास को गति
इस समझौते से न केवल पेयजल आपूर्ति बाधित होने का खतरा टला है, बल्कि लंबित परियोजनाओं के तेजी से पूरा होने की राह भी साफ हुई है। सरकार और कांट्रैक्टर्स के बीच बना यह तालमेल प्रदेश के विकास और आमजन की सुविधा के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।