Rajasthan Energy Mission: Battery Storage और Green Energy Corridor से बदलेगी बिजली की तस्वीर, Discoms होंगे और मजबूत
Rajasthan ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। Chief Secretary V. Srinivas ने Discoms Financial Strength, Battery Energy Storage System (BESS), Green Energy Corridor Phase-II और PM Surya Ghar Yojana की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि नई ऊर्जा परियोजनाएं न केवल महंगी बिजली पर निर्भरता कम करेंगी, बल्कि उपभोक्ताओं और Discoms दोनों को बड़ा आर्थिक लाभ भी देंगी।
अनन्य सोच। राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में Chief Secretary V. Srinivas ने Discoms की वित्तीय स्थिति, Renewable Energy Projects और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर राजस्थान का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब वित्तीय अनुशासन और नई तकनीकों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में Battery Energy Storage System (BESS) के पायलट प्रोजेक्ट्स को विशेष प्राथमिकता दी गई। अधिकारियों ने बताया कि Jaipur, Ajmer और Jodhpur Discom के विभिन्न सर्किलों में इन परियोजनाओं के लिए स्थान चिह्नित किए जा चुके हैं। यह तकनीक PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana और अन्य Solar Energy Projects से बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर करेगी, जिससे Peak Hours में महंगी बिजली खरीदने की जरूरत कम होगी। इसका सीधा फायदा Discoms की वित्तीय स्थिति और आम उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा।
बैठक में Loan Restructuring की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने बताया कि REC और PFC से लिए गए उच्च ब्याज वाले ऋणों की Re-Pricing से हर वर्ष करोड़ों रुपये की ब्याज बचत हो रही है। उन्होंने शेष ऋणों का भी शीघ्र पुनर्गठन करने के निर्देश दिए ताकि Discoms Financial Health और मजबूत हो सके।
साथ ही Green Energy Corridor Phase-II के तहत Hanumangarh और Udaipur में चल रहे निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। यह परियोजना राजस्थान के Power Transmission Network को अधिक आधुनिक और सक्षम बनाएगी, जिससे Renewable Energy का सुगम ट्रांसमिशन संभव होगा।
मुख्य सचिव ने PM Surya Ghar Yojana के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रभावी IEC Campaign चलाने के निर्देश भी दिए। माना जा रहा है कि ऊर्जा क्षेत्र में चल रही ये योजनाएं आने वाले वर्षों में राजस्थान को Clean Energy, Power Infrastructure और Energy Security के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल कर सकती हैं।