स्पीकर देवनानी ने CM हिमंता बिस्वा सरमा को भेंट की खास किताब, फिर मां कामाख्या के दरबार में मांगी दुआ

असम स्पीकर रंजीत कुमार दास से भी हुई अहम चर्चा, डेमोक्रेसी और गुड गवर्नेंस पर हुआ गहन मंथन; जानें पूरे दौरे की खास बातें

Jul 6, 2026 - 07:36
Jul 6, 2026 - 07:50
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स्पीकर देवनानी ने CM हिमंता बिस्वा सरमा को भेंट की खास किताब, फिर मां कामाख्या के दरबार में मांगी दुआ

अनन्य सोच। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का असम दौरा कई मायनों में खास रहा। गुवाहाटी पहुंचे स्पीकर देवनानी ने सबसे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की, जहां उन्होंने CM को 'सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि' पुस्तक की एक प्रति भेंट की। यह भेंट सिर्फ औपचारिकता भर नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरा संदेश छिपा था — राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों को लेकर दोनों नेताओं के बीच साझा सोच।

मुलाकात के दौरान देवनानी ने गुड गवर्नेंस, डेमोक्रेटिक वैल्यूज, जनकल्याण और विकास जैसे कई अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने राजस्थान विधानसभा में अपने नेतृत्व में हुए विभिन्न इनोवेशन्स की जानकारी भी CM सरमा के साथ साझा की। दोनों नेताओं के बीच डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन्स को और ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने पर भी सार्थक बातचीत हुई। देवनानी ने भरोसा जताया कि CM सरमा के नेतृत्व में असम विकास और सांस्कृतिक समृद्धि के नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

लेकिन यह मुलाकात यहीं खत्म नहीं हुई। स्पीकर देवनानी ने असम विधानसभा पहुंचकर वहां के स्पीकर रंजीत कुमार दास से भी अहम भेंट की। इस मुलाकात में विषय थोड़े अलग लेकिन उतने ही महत्वपूर्ण रहे — पार्लियामेंट्री इंस्टीट्यूशन्स की गरिमा, विधायी कार्यों की क्वालिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी का समावेश और जनभागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। देवनानी ने इस दौरान राजस्थान विधानसभा में हुए नवाचारों की पूरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि किस तरह लोकतांत्रिक संस्थाओं को जनता से जोड़ने के लिए कई अभिनव पहलें की गई हैं।

लेकिन दौरे का सबसे भावुक पल तब आया जब स्पीकर देवनानी नीलांचल पर्वत स्थित विश्वप्रसिद्ध मां कामाख्या शक्तिपीठ पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां कामाख्या के श्रीचरणों में देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। देवनानी ने यह भी प्रार्थना की कि मां कामाख्या की कृपा से राष्ट्र निरंतर प्रगति और सांस्कृतिक वैभव के पथ पर आगे बढ़ता रहे।