20 लाख किसानों की किस्मत बदलने वाला है ये बड़ा प्रोजेक्ट, गांव-गांव में तैयार होंगे कृषि-उद्यमी

क्या आपके गांव में भी अब मिलेगी Modern Farming Technology, Soil Testing और Market Connect जैसी सुविधाएं? केंद्र सरकार ने शुरू किया है एक ऐसा महाअभियान, जो देश के 20 लाख छोटे किसानों की आय बदलने का दावा कर रहा है। जानिए पूरी योजना।

Jul 7, 2026 - 15:18
Jul 7, 2026 - 15:22
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20 लाख किसानों की किस्मत बदलने वाला है ये बड़ा प्रोजेक्ट, गांव-गांव में तैयार होंगे कृषि-उद्यमी

अनन्य सोच। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को 'प्रगति' (PRAGATI) नाम से एक बड़ी राष्ट्रीय पहल का शुभारंभ किया। इस Project का लक्ष्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को Agri-Entrepreneur बनाकर देशभर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की आय, उत्पादकता और आजीविका में सुधार लाना है। 

जानिए क्या है 'प्रगति' प्रोजेक्ट की खास बातें:

- किन राज्यों में होगा लागू:

यह Initiative मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड जैसे प्रमुख कृषि राज्यों में शुरू किया जाएगा।

- गांव स्तर पर मिलेंगी ये सुविधाएं: तैयार किए जाने वाले Agri-Entrepreneurs गांव में Soil Testing, Advisory Services, Machine Services, Financial Linkage और Market Connect जैसी सुविधाएं मुहैया कराएंगे।

- केवल खेती नहीं, Value Addition पर जोर

मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि अब सिर्फ पारंपरिक खेती से काम नहीं चलेगा। Horticulture, Animal Husbandry, Fisheries और Beekeeping जैसे क्षेत्रों से किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

- Technology और Mechanization पर फोकस: Drone Technology, Digital Advisory और Scientific Farming को भविष्य की खेती का आधार बताया गया।

- महिलाओं की बड़ी भागीदारी:

"कृषि सखी" और Women Entrepreneurs को इस पूरे बदलाव की धुरी बताया गया है, जो गांव-गांव में परिवर्तन लाएंगी।

- Multi-Partner पहल:

यह प्रोजेक्ट कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की साझेदारी से चलाया जाएगा, जो Training, Financial Inclusion, Market Access और Technical Support उपलब्ध कराएंगी।

- पहले से मौजूद है बड़ा Network: मौजूदा 26,000 से ज्यादा Agri-Entrepreneurs के नेटवर्क में अतिरिक्त 20,000 नए Entrepreneurs जोड़े जाएंगे।

- तय किए गए बड़े Targets: योजना के तहत कम से कम 20% किसानों को Regenerative Agricultural Practices अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही किसानों की आय में न्यूनतम 30% वृद्धि और धान, मक्का, आलू जैसी फसलों की उपज में 15-20% बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना विकसित कृषि और समृद्ध गांवों के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि लागत घटाकर किसानों की वास्तविक आय बढ़ाना है।

उन्होंने इसे केवल एक योजना नहीं बल्कि परिवर्तन का संकल्प बताते हुए कहा कि एक-एक Entrepreneur पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है। यह पहल Financial Literacy को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को Formal Financial System से जोड़ने का भी काम करेगी, ताकि आने वाले समय में हर छोटे किसान का जीवन बेहतर और आत्मनिर्भर बन सके।