कोटा में उमड़े हजार किसान, ओम बिरला ने खोला मार्केटिंग का ऐसा फॉर्मूला कि अब दिल्ली-मुंबई तक पहुंचेगी हाड़ौती की फसल

मदर डेयरी और सरस से सीधा जुड़ेंगे पशुपालक, कोल्ड स्टोरेज से लेकर मार्केटिंग लिंक तक, जानिए लोकसभा अध्यक्ष ने किसानों के लिए क्या रखा बड़ा प्लान

Jun 30, 2026 - 10:36
Jun 30, 2026 - 10:37
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कोटा में उमड़े हजार किसान, ओम बिरला ने खोला मार्केटिंग का ऐसा फॉर्मूला कि अब दिल्ली-मुंबई तक पहुंचेगी हाड़ौती की फसल

अनन्य सोच। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में सोमवार को कोटा में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) पर भव्य किसान वर्कशॉप का आयोजन हुआ, जिसमें करीब एक हजार किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में लो-कॉस्ट हाई-क्वालिटी खेती, एग्रीकल्चर मार्केटिंग, पशुपालन और हॉर्टिकल्चर के जरिए आय बढ़ाने की मॉडर्न तकनीकों की जानकारी दी गई।

ओम बिरला ने कहा कि खेत में किसान और सीमा पर जवान देश के प्राण हैं और वे हाड़ौती के किसानों की लाइफस्टाइल सुधारने तथा खेती को प्रॉफिटेबल बिजनेस बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल कम करना आज वक्त की मांग है, क्योंकि नेचुरल फार्मिंग भारत की प्राचीन विरासत रही है।

सबसे बड़ी घोषणा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि किसानों के लिए मॉडर्न मार्केटिंग लिंक तैयार किए जा रहे हैं, जिससे वे हाड़ौती में बैठे-बैठे ही दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े बाजारों के भाव जान सकेंगे और अपनी उपज सही दाम पर बेच पाएंगे। इसके अलावा मदर डेयरी और सरस डेयरी के साथ समन्वय स्थापित कर दूध, फल और सब्जियों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पशुपालकों की इनकम में सीधा इजाफा होगा।

उन्होंने प्रत्येक तहसील व पंचायत स्तर पर कोल्ड स्टोरेज डेवलप करने की बात कही, ताकि पशुओं के लिए हरा चारा सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही ERCP और परवन जैसी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने का भरोसा भी दिलाया।

लाडपुरा विधायक कल्पना देवी ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका पर बात करते हुए ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी स्कीम्स का जिक्र किया। कार्यशाला में एक्सपर्ट्स ने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत जैसी नेचुरल फार्मिंग तकनीकों की जानकारी दी।

बता दें कि नेशनल नेचुरल फार्मिंग मिशन के तहत कोटा जिले में 35 क्लस्टर्स के जरिए अब तक 4,375 किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। कार्यक्रम में जिला कलक्टर पीयूष समारिया, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।