राजस्थान को मिला 25 लाख तक का कैशलेस इलाज, दिल्ली में मंत्री खींवसर ने रखी प्रदेश की पूरी तस्वीर
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए बड़े स्वास्थ्य सम्मेलन में राजस्थान ने अपनी उपलब्धियों से सबको चौंकाया, जानिए मंत्री ने केंद्र सरकार से आखिर क्या-क्या मांगा
अनन्य सोच। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (CCHFW) के 16वें सम्मेलन में राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए नेशनल हेल्थ मिशन (NHM), SDG-3 लक्ष्यों और फूड व ड्रग रेगुलेशन से जुड़े मुद्दों पर राजस्थान का पक्ष मजबूती से रखा।
मंत्री खींवसर ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के तहत प्रदेशवासियों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। इसके साथ ही सीनियर सिटीजन्स के लिए स्पेशल हेल्थ पैकेज और इंटरस्टेट ट्रीटमेंट सुविधाओं को भी मजबूत किया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत राज्य में 7.22 करोड़ से अधिक ABHA अकाउंट बनाए जा चुके हैं, जो डिजिटल हेल्थ सिस्टम की दिशा में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
सम्मेलन में मंत्री ने राजस्थान की उन इनोवेटिव हेल्थ स्कीम्स का जिक्र किया जो आज नेशनल लेवल पर मॉडल बन रही हैं—जैसे रामाश्रय वृद्धावस्था देखभाल मॉडल, मिशन मधुहारी, 6,547 टीबी-मुक्त ग्राम पंचायतें, और WHO द्वारा 2026 में सम्मानित तंबाकू नियंत्रण पहल। मां वाउचर योजना के अंतर्गत 4.5 लाख से ज्यादा फ्री सोनोग्राफी सर्विसेज दी जा चुकी हैं।
फिजियोथेरेपिस्ट, मेडिकल लैब प्रोफेशनल्स, रेडियोग्राफर और इमरजेंसी मेडिकल स्पेशलिस्ट जैसे एलाइड हेल्थ वर्कर्स को आधुनिक हेल्थ सिस्टम का अहम स्तंभ बताते हुए मंत्री ने इनके ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
मंत्री ने केंद्र सरकार से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, मैनपावर बढ़ाने और NHM के तहत राज्यों को ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा जताया कि सेंटर-स्टेट कोऑर्डिनेशन से देश में एक मजबूत, इनक्लूसिव हेल्थ सिस्टम तैयार होगा, जो भारत के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स की प्राप्ति में अहम भूमिका निभाएगा।