मेहंदी से जूडो तक, स्केटिंग से स्पोकन इंग्लिश तक: 281 बच्चों ने 34 दिन में सीखा वो सब जो स्कूल नहीं सिखाता
गर्मी की छुट्टियों को महज खेल-कूद में बिताने के बजाय अगर बच्चे नई स्किल्स सीख लें तो कैसा रहे? जयपुर के स्काउट गाइड मंडल मुख्यालय में हुए एक खास समर कैंप ने यही कमाल कर दिखाया। जानिए कैसे 281 बच्चों ने 34 दिनों में मेहंदी, पेंटिंग, जूडो से लेकर स्पोकन इंग्लिश तक सब कुछ सीख लिया और समापन समारोह में अपनी प्रतिभा से सबको चौंका दिया।
अनन्य सोच। राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड मंडल मुख्यालय, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित 34 दिवसीय "ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कौशल विकास प्रशिक्षण शिविर" का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। 18 मई से 20 जून 2026 तक संचालित इस विशेष शिविर में कुल 281 बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा को निखारा। शिविर का सफल संचालन सीओ गाइड ऋतु शर्मा ने किया।
समापन समारोह के अवसर पर शिविरार्थियों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों और विधाओं की एक भव्य प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उद्घाटन मुख्य अतिथि बनीपार्क विधायक रवि प्रसाद सैनी ने किया। प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा शिविर के दौरान सीखे गए विषयों जैसे पोस्टर मेकिंग, परिंदा निर्माण, मास्क, कपड़े के बैग, मेहंदी, पेंटिंग, सिलाई, जूडो, स्केटिंग, स्विमिंग और स्पोकन इंग्लिश का सजीव व कलात्मक प्रदर्शन किया गया, जिसे देख सभी अतिथि भावविभोर हो उठे। इस गरिमामयी अवसर पर जिला मुख्यालय जयपुर के उप प्रधान गिरधारी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समापन समारोह के मुख्य कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक और साहसिक प्रस्तुतियां दीं। शिविर संचालक ऋतु शर्मा ने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जोड़ा गया। इसके तहत "विश्व पर्यावरण दिवस" और "विश्व तंबाकू निषेध दिवस" पर विभिन्न चेतना प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण व नशामुक्ति के संदेश को आत्मसात किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मंडल मुख्यालय की ओर से सहायक राज्य संगठन आयुक्त दामोदर शर्मा एवं सहायक राज्य संगठन आयुक्त (गाइड) नीता शर्मा उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में बच्चों के हुनर की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना जगाने में मील का पत्थर साबित होते हैं।
कार्यक्रम के अंत में जिला सचिव गिरराज पारीक ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और संभागियों का कार्यक्रम में पधारने और शिविर को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। यह आयोजन बच्चों के लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक प्रेरणादायी मंच बनकर सामने आया।