डेटा ही बनेगा विकसित राजस्थान की ताकत, डिप्टी CM बैरवा ने सांख्यिकी दिवस पर किया बड़ा ऐलान
जयपुर में आयोजित स्टेटिस्टिक्स डे पर हुआ ऐसा खुलासा, जिसने बदल दी सरकारी प्लानिंग की पूरी तस्वीर, जानिए क्या है CM-PRAMAN पहल
अनन्य सोच। आधुनिक भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती के अवसर पर सोमवार को कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब, जयपुर में 20वां राज्य स्तरीय सांख्यिकी दिवस (Statistics Day) मनाया गया। इस साल की थीम 'अनलॉकिंग द पोटेंशियल ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव डेटा' रही, जिसमें डेटा आधारित नीति निर्माण और डिजिटल गवर्नेंस पर गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि आज के डिजिटल युग में डेटा सिर्फ आंकड़ों का जमावड़ा नहीं, बल्कि गुड गवर्नेंस और पारदर्शिता की सबसे बड़ी पूंजी बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश डेटा-ड्रिवन गवर्नेंस की ओर तेजी से बढ़ रहा है और राजस्थान सरकार भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत कर रही है। उन्होंने खास तौर पर बजट 2026-27 की CM-PRAMAN पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह विभिन्न विभागों के डेटा इंटीग्रेशन और एविडेंस बेस्ड पॉलिसी मेकिंग को नई रफ्तार देगी।
आयोजना एवं सांख्यिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने सांख्यिकी को पॉलिसी मेकिंग का सबसे प्रभावी माध्यम बताया, वहीं इंडिया फाउंडेशन की लीड इकोनॉमिस्ट डॉ. पायल सेठ ने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अहम भूमिका पर रोशनी डाली।
समारोह की सबसे बड़ी खासियत रही राजस्थान स्टेटिस्टिकल ईयर बुक-2026 तथा राजस्थान सतत विकास लक्ष्य स्टेटस रिपोर्ट-2026 का विमोचन, जिसे डॉ. बैरवा ने अपने हाथों से जारी किया। इसके साथ ही सांख्यिकी के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले 15 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राज्य स्तरीय प्रो. पी.सी. महालनोबिस सांख्यिकी पुरस्कार (Statistics Award) से सम्मानित किया गया, जिनमें संयुक्त शासन सचिव कृष्ण शर्मा, संयुक्त निदेशक रणवीर सिंह सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
कार्यक्रम में महालनोबिस के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और विभाग की उपलब्धियों पर लघु फिल्म भी दिखाई गई, जिसने उपस्थित अधिकारियों और शिक्षाविदों का खूब ध्यान खींचा।