आज है साल की सबसे बड़ी एकादशी! 4 शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, Nirjala Ekadashi पर बिना जल के व्रत रखकर पाएं मनचाहा फल
आज यानी 25 जून को सनातन धर्म की सबसे पुण्यदायी मानी जाने वाली Nirjala Ekadashi मनाई जा रही है। इस बार व्रत पर रवि योग, सिद्धि योग, शिव योग और लक्ष्मी नारायण योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। आखिर इस खास दिन व्रत और दान से कैसे मिलेगा वर्षभर की एकादशियों के समान पुण्य, जानिए ज्योतिषाचार्य की राय।
अनन्य सोच। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की Nirjala Ekadashi आज गुरुवार को मनाई जा रही है। सनातन धर्म में इसे साल की सबसे महत्वपूर्ण और पुण्यदायी Ekadashi माना गया है। इस बार खास बात यह है कि व्रत पर Ravi Yoga, Siddhi Yoga, Shiv Yoga और Lakshmi Narayan Yoga का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे व्रत, जप, तप, दान और भगवान विष्णु की आराधना का महत्व और भी बढ़ गया है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा के अनुसार Nirjala Ekadashi का व्रत करने से वर्षभर की सभी एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। आज श्रद्धालु अन्न के साथ जल का भी त्याग कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना व भजन-कीर्तन कर रहे हैं। तपती गर्मी में रखा जाने वाला यह व्रत तप, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है। आज श्रद्धालु जल से भरे मटके, वस्त्र, फल, छाता, पंखा और अन्न का दान कर रहे हैं।
ज्योतिषीय दृष्टि से आज बन रहा Lakshmi Narayan Yoga विशेष शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इससे आर्थिक उन्नति, रुका धन प्राप्त होने, निवेश में लाभ और अटके कार्यों में गति मिलने के योग बन सकते हैं।
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 24 जून रात्रि 8:09 बजे शुरू होकर आज रात्रि 9:14 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर व्रत आज रखा जा रहा है तथा कल द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक पारण होगा। आज Bhadra का प्रभाव भी रहेगा, लेकिन भद्रा का वास पाताल लोक में होने से पूजा-पाठ पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं माना गया है।
आज छोटी काशी में परकोटा क्षेत्र, मानसरोवर, मालवीय नगर, टोंक रोड, सीकर रोड और जेएलएन मार्ग पर हजारों स्थानों पर शरबत-जूस की सेवा होगी। सिंधी कैंप और रेलवे स्टेशन पर भी शीतल पेयजल व गन्ने के जूस की व्यवस्था की गई है।