राजस्थान में थम सकता है पूरा परिवहन विभाग! निरीक्षकों के बाद अब RTO-DTO भी उतरेंगे मैदान में, आमजन की बढ़ी टेंशन
छह दिन से जारी हड़ताल अब बड़ा रूप लेती दिख रही है। अगर परिवहन अधिकारी भी आंदोलन में कूद पड़े, तो प्रदेशभर में लाइसेंस से लेकर वाहन पंजीयन तक हर काम पूरी तरह ठप हो सकता है।
अनन्य सोच। राजस्थान में परिवहन निरीक्षकों का कार्य बहिष्कार मंगलवार को लगातार छठे दिन भी जारी रहा, और अब यह आंदोलन और बड़ा रूप लेने की ओर बढ़ता दिख रहा है। कानोता प्रकरण में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 23 जुलाई से Rajasthan Transport Inspectors Association कार्य बहिष्कार पर है, जिसका सीधा असर प्रदेशभर के परिवहन कार्यालयों के कामकाज पर पड़ रहा है।
RTO-DTO भी हो सकते हैं आंदोलन में शामिल
सूत्रों के मुताबिक सबसे बड़ी खबर यह है कि परिवहन निरीक्षकों के समर्थन में अब Rajasthan Transport Service Council भी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। परिषद इस बात पर गंभीरता से मंथन कर रही है कि प्रदेशभर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी यानी RTO और जिला परिवहन अधिकारी यानी DTO भी इस आंदोलन में शामिल होकर Pen Down Strike करें। अगर ऐसा हुआ तो परिवहन विभाग की सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाएगी।
आमजन को झेलनी पड़ रही भारी परेशानी
इस कार्य बहिष्कार का सबसे ज्यादा खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। Driving License जारी करने, वाहन पंजीयन, फिटनेस और परमिट जैसे रोजमर्रा के जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। प्रदेश के कई परिवहन कार्यालयों में लंबित मामलों की संख्या हर दिन तेजी से बढ़ती जा रही है, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
शहीद स्मारक पर दिया था धरना
आंदोलन को धार देने के लिए सोमवार को प्रदेशभर से बड़ी संख्या में परिवहन निरीक्षक जयपुर पहुंचे और शहीद स्मारक पर धरना दिया। अगर जल्द ही सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कोई सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और तेज हो सकता है, जिससे प्रदेशभर के लाखों लोगों की जरूरी परिवहन सेवाएं पूरी तरह प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।