एक्सप्रेसवे से विकास की रफ्तार, ‘जूट वाली दीदी’ से आत्मनिर्भरता की मिसाल: राजस्थान के पत्रकारों का प्रेरक दौरा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का अवलोकन कर समझा इंफ्रास्ट्रक्चर का असर, अंजली सिंह की पहल से महिला सशक्तिकरण की नई कहानी
Ananya soch: Lucknow Kanpur Expressway
अनन्य सोच। (NHAI Projects) भारत सरकार की डेवलपमेंट कम्युनिकेशन एंड इंफॉर्मेशन डिसेमिनेशन (DCID) योजना के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं और आधारभूत अवसंरचना विकास की जमीनी सच्चाई को जानने के उद्देश्य से राजस्थान से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ताकत को करीब से देखा, वहीं महिला सशक्तिकरण की प्रेरक कहानियों से भी रूबरू हुए।
एक्सप्रेसवे: विकास की नई रफ्तार
(Lucknow News) पत्रकारों ने एनएचएआई के तहत विकसित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का विस्तृत अवलोकन किया। इस दौरान एक्सप्रेसवे की आधुनिक निर्माण गुणवत्ता, अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और यातायात प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्थाओं को समझा गया।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने जानकारी दी कि यह एक्सप्रेसवे न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी नई गति देगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से यात्रा समय में कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। पत्रकारों ने इस दौरान परियोजना के विभिन्न पहलुओं को समझते हुए यह जाना कि कैसे मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर आम जनजीवन को आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास का आधार बनता है।
‘जूट वाली दीदी’: आत्मनिर्भरता की सशक्त कहानी
(Women Empowerment India) दौरे के दूसरे चरण में प्रतिनिधिमंडल ने ‘जूट वाली दीदी’ के नाम से प्रसिद्ध अंजली सिंह से मुलाकात की। अंजली सिंह ने जूट उत्पादों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने की जो पहल शुरू की, वह आज एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुकी है। उन्होंने बताया कि शुरुआत छोटे स्तर से हुई थी, लेकिन निरंतर मेहनत और सरकार की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से आज वे कई महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।सरकारी योजनाओं से मिली उड़ान
अंजली सिंह ने साझा किया कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर, कौशल विकास प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता जैसी पहलों ने उनके उद्यम को मजबूती दी। इन योजनाओं के जरिए न केवल उनके व्यवसाय का विस्तार हुआ, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला।महिलाओं की बदली जिंदगी
पत्रकारों ने जूट उत्पादों के निर्माण की पूरी प्रक्रिया को देखा और कार्यरत महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि इस पहल से उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे अब आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं।
सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी इस पहल ने उन्हें नई पहचान और आत्मविश्वास दिया है। कई महिलाओं ने पहली बार घर से बाहर निकलकर काम करने का अनुभव साझा किया, जो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आया है।
विकास और सशक्तिकरण का संगम
यह दौरा इस बात का उदाहरण बनकर सामने आया कि कैसे एक ओर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर देश की प्रगति को गति देता है, वहीं दूसरी ओर छोटे-छोटे उद्यम समाज में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं। राजस्थान से आए पत्रकारों के लिए यह अनुभव न केवल जानकारीपूर्ण रहा, बल्कि प्रेरणादायक भी साबित हुआ।