साइबर फ्रॉड के पीड़ितों से सीधे मिले मुख्य सचिव, 30 जून को केंद्र सरकार की टीम देखेगी राजस्थान का यह मॉडल
संपर्क पोर्टल 181 का औचक निरीक्षण, AI के इस्तेमाल से शिकायतों के निपटारे को बनाया जाएगा स्मार्ट, जानिए पूरी प्लानिंग
अनन्य सोच। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) कॉल सेंटर का निरीक्षण किया और राजस्थान संपर्क 2.0 (Rajasthan Sampark 2.0) के अंतर्गत किए जा रहे तकनीकी सुधारों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) से प्रभावित नागरिकों से सीधे बातचीत भी की और शिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण के साथ-साथ आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों से रूबरू होकर उनकी शिकायतों के निस्तारण की प्रगति, संबंधित विभागों की कार्रवाई और उपलब्ध सहायता की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए और पीड़ितों को त्वरित राहत मिले, इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई कि आगामी 30 जून को केंद्र सरकार के सचिवों का दल राजस्थान संपर्क पोर्टल की तकनीकी कार्यप्रणाली और नवाचारों का अवलोकन करने आ रहा है। मुख्य सचिव ने इस दौरे की सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान संपर्क पोर्टल को राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल काउंसिल ऑफ ई-गवर्नेंस (National Council of e-Governance) के अंतर्गत एक बेहतरीन गवर्नेंस मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा, जो राज्य के लिए बड़े गौरव की बात है।
श्री श्रीनिवास ने कहा कि आगामी समीक्षा बैठकों में विशेष रूप से भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न से जुड़े परिवादों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल शिकायतों के वर्गीकरण, रूट कॉज एनालिसिस (Root Cause Analysis) और रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring) में किया जाए, जिससे पूरी व्यवस्था ज्यादा स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित बन सके। साथ ही, कॉल सेंटर कार्मिकों के नियमित प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दिया गया।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि शिकायत निवारण के बाद नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक की नियमित समीक्षा की जाए, क्योंकि नागरिकों की संतुष्टि ही सुशासन का सबसे बड़ा पैमाना है। इस दौरान संपर्क पोर्टल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।