नालंदा की आग से लेकर होम्योपैथी तक: राज्यपाल ने सुनाई भारत की वो कहानी, जिसने पूरे सभागार को कर दिया भावुक

एक एलोपैथी डॉक्टर की बीमारी से ठीक होने की कहानी, तुर्की शासक द्वारा जलाई गई नालंदा की लाइब्रेरी और भारत की पांच हजार साल पुरानी चिकित्सा परंपरा — राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के भाषण ने इस Convocation Ceremony को यादगार बना दिया। जानिए पूरे कार्यक्रम की खास बातें।

Jul 16, 2026 - 14:49
Jul 16, 2026 - 14:52
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नालंदा की आग से लेकर होम्योपैथी तक: राज्यपाल ने सुनाई भारत की वो कहानी, जिसने पूरे सभागार को कर दिया भावुक

अनन्य सोच। Homeopathy University Jaipur के Convocation Ceremony में गुरुवार को ऐसा माहौल देखने को मिला, जहां डिग्रियों के साथ-साथ भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा पर भी गहन चर्चा हुई। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने अपने संबोधन में चिकित्सा, नैतिकता और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत सदियों से विश्व को स्वास्थ्य और उपचार का मार्ग दिखाता आया है।

बिड़ला सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने कहा कि Homeopathy केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि शोध और अनुभव पर आधारित एक प्रभावी उपचार प्रणाली है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे Research को अपनी प्राथमिकता बनाएं और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को आगे बढ़ाएं।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण साझा किया। उन्होंने बताया कि पुणे के एक प्रसिद्ध Allopathy Doctor गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन जब उन्हें Homeopathy से लाभ मिला तो उन्होंने स्वयं इस चिकित्सा पद्धति को अपनाया। यह प्रसंग सुनते ही सभागार में मौजूद विद्यार्थियों और चिकित्सकों ने तालियों से स्वागत किया।

राज्यपाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि Ayurveda हजारों वर्षों से मानवता की सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि Homeopathy में उपयोग होने वाली अधिकांश दवाएं भी वनस्पतियों, जड़ों, फूलों और खनिज तत्वों से तैयार की जाती हैं। इसी दौरान उन्होंने Nalanda University का उल्लेख करते हुए कहा कि आक्रमणकारियों द्वारा ज्ञान की उस विरासत को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन भारत की ज्ञानधारा कभी समाप्त नहीं हुई।

समारोह में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने कहा कि भारत आज Traditional Medicine के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है और Homeopathy दुनिया की सबसे तेजी से स्वीकार की जा रही चिकित्सा पद्धतियों में शामिल है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में National Homeopathy Commission के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर जैन तथा विश्वविद्यालय के संस्थापक डॉ. मनोज राजोरिया ने भी विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को Degrees प्रदान की गईं और चिकित्सा, स्वास्थ्य सेवा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशेषज्ञों को Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। ज्ञान, परंपरा और चिकित्सा के संगम से सजा यह Convocation समारोह उपस्थित लोगों के लिए लंबे समय तक यादगार रहने वाला बना।