रीको का बड़ा कदम: औद्योगिक क्षेत्रों का होगा वर्गीकरण, 1200 करोड़ से बदलेगी तस्वीर
उद्योगों को मिलेगा आधुनिक सुविधाओं का मजबूत आधार
अनन्य सोच। राजस्थान सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी दिशा में रीको (RIICO) द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत और आधुनिक बनाने का बड़ा अभियान शुरू किया गया है। सड़कों का विकास, निर्बाध बिजली आपूर्ति, वॉटर हार्वेस्टिंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
450+ औद्योगिक क्षेत्रों का होगा चार श्रेणियों में वर्गीकरण
रीको ने राज्य के 450 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों को उनकी उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर प्लेटिनम, गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज श्रेणियों में बांटने की योजना बनाई है। इस वर्गीकरण से हर क्षेत्र की स्थिति स्पष्ट होगी और विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा सकेगा।
हर क्षेत्र को मिलेगा अपग्रेड होने का मौका
श्रेणीवार विभाजन के बाद पानी, बिजली, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पौधरोपण, सार्वजनिक पार्किंग, फायर स्टेशन और स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा। लक्ष्य यह है कि हर औद्योगिक क्षेत्र को धीरे-धीरे एक श्रेणी ऊपर ले जाया जाए।
1200 करोड़ रुपये से होगा व्यापक विकास
वित्तीय वर्ष 2026-27 में रीको द्वारा 1200 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी करने की योजना है। इससे पहले 2025-26 में 1000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यादेश जारी किए गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.5 गुना अधिक हैं। साथ ही 539 करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
मेगा प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा औद्योगिक आकर्षण
जयपुर में प्रधानमंत्री एकता मॉल का निर्माण तेजी से जारी है। वहीं, जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (फेज-A) में 370 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
रीको का उद्देश्य उद्योगों को बेहतर सुविधाएं देकर उन्हें प्रगति के लिए सक्षम बनाना है। इससे न केवल मौजूदा उद्योगों को लाभ मिलेगा, बल्कि नए निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।