विशेष स्वच्छता अभियान 6.0: भारी उद्योग मंत्रालय ने चलाया सफाई अभियान, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और श्रमदान पर जोर
अनन्य सोच । केंद्र सरकार के विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 (Special Campaign 6.0) के तहत भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) और उसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) तथा स्वायत्त निकायों ने स्वच्छता, ई-कचरा प्रबंधन और सरकारी कार्यालयों में बेहतर कार्यस्थल व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की हैं। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है और इसका कार्यान्वयन चरण 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
स्वच्छता अभियान में श्रमदान और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
विशेष अभियान 6.0 के अंतर्गत मंत्रालय और उससे जुड़े संस्थानों ने सफाई अभियान, श्रमदान, स्वास्थ्य जांच शिविर, वृक्षारोपण और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (Waste to Wealth) जैसी पहल की हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाना, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
अभियान के दौरान पुराने कंप्यूटर, प्रिंटर, अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, विद्युत सामग्री, बैटरियों और मशीनों के कबाड़ जैसे ई-कचरे की पहचान, पृथक्करण और संग्रह किया गया। इस कचरे का प्रबंधन निर्धारित पर्यावरणीय मानकों और लागू ई-वेस्ट नियमों के अनुरूप करने पर जोर दिया गया।
सफाई मित्रों को सुरक्षा किट देकर किया सम्मानित
भारी उद्योग मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री विजय मित्तल ने सफाई मित्रों को टी-शर्ट, दस्ताने और मास्क सहित सुरक्षा उपकरण किट प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित किया।
इसके अतिरिक्त, नई दिल्ली के नेताजी नगर में जीपीओए-3 भवन के पास स्थित सार्वजनिक उद्यान में सफाई अभियान चलाया गया। मंत्रालय के अधिकारियों ने इसमें श्रमदान कर स्वच्छता अभियान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालयों में बेहतर व्यवस्था
विशेष स्वच्छता अभियान के तहत मंत्रालय और उसके सीपीएसई तथा स्वायत्त निकायों ने रिकॉर्ड प्रबंधन, कबाड़ निपटान, कार्यालय परिसर की सफाई और ई-कचरा प्रबंधन की योजनाएं तैयार की हैं। दस्तावेजों को व्यवस्थित रखने और कार्यालय में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने के लिए मंत्रालय के विभिन्न अनुभागों को अलमारियां भी उपलब्ध कराई गई हैं। मंत्रालय इन गतिविधियों की निगरानी कर रहा है, ताकि 31 अक्टूबर 2026 तक अभियान के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। यह पहल स्वच्छ सरकारी कार्यालयों, पर्यावरण अनुकूल कचरा प्रबंधन और बेहतर सार्वजनिक कार्यस्थलों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।