सिर्फ चमक नहीं, गुणवत्ता भी जरूरी: राज्यपाल बागडे बोले- मानक ही सामान्य को बनाते हैं श्रेष्ठ
जयपुर में World Standards Day समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने Quality, Innovation और Consumer Awareness पर दिया जोर। बोले- ISI Mark और Hallmark विश्वास के प्रतीक, गांवों तक पहुंचे Standardization के प्रति जागरूकता।
अनन्य सोच । किसी उत्पाद की असली पहचान उसकी चमक से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता से होती है। इसी तरह किसी समाज की श्रेष्ठता भी केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके नैतिक मूल्यों और व्यवहार से तय होती है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बुधवार को जयपुर में आयोजित World Standards Day समारोह में यह बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजबूत मानक ही सामान्य उत्पाद, विचार और व्यवस्था को श्रेष्ठ बनाते हैं।
‘वन नेशन, वन स्टैंडर्ड’ से गुणवत्ता को मिलेगी नई पहचान
कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में Bureau of Indian Standards (BIS) की ओर से आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीय परंपरा में श्रेष्ठता और गुणवत्ता का महत्व प्राचीन काल से रहा है। आज के दौर में भी Standardization देश की प्रगति और वैश्विक पहचान के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने BIS से जुड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों से आह्वान किया कि Quality Standards के प्रति जागरूकता केवल शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गांवों में भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए। लोगों को यह समझना जरूरी है कि मानकों का पालन किस तरह उनके जीवन को सुरक्षित और आसान बनाता है।
ISI Mark और Hallmark क्यों हैं भरोसे की पहचान?
राज्यपाल ने कहा कि ISI Mark और Hallmark जैसे गुणवत्ता चिह्न उपभोक्ताओं के विश्वास का आधार हैं। कड़े मानकों का पालन करने से भारतीय उत्पादों और सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ती है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की साख भी मजबूत होती है।
उन्होंने उत्पादों और सेवाओं के लिए नियम एवं मानक निर्धारित करने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और विशेषज्ञों के योगदान की सराहना की। उनके अनुसार, गुणवत्ता केवल उत्पादन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सुविधा और बेहतर जीवन से सीधे जुड़ी हुई है।
गुणवत्ता को आदत बनाने पर दिया जोर
राज्यपाल ने कहा कि देश में Quality, Innovation और Reliability को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उपभोक्ताओं को जागरूक करने के साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की भावना विकसित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में गुणवत्ता को आदत बनाकर ही ‘One Nation, One Standard’ की नीति को प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे भारत को गुणवत्ता संपन्न राष्ट्र बनाने की दिशा में गति मिलेगी।
समारोह में प्रतिभाओं का सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत में राज्यपाल ने उपस्थित लोगों को मानक दिवस की शपथ दिलाई। इसके बाद Standardization के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। समारोह के माध्यम से गुणवत्ता, उपभोक्ता विश्वास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने का संदेश दिया गया।