शहरी विकास पर सख्त मुख्यमंत्री: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मानसून से पहले पूरे हों सभी कार्य

भजनलाल शर्मा ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए निर्देश—नालों की सफाई, अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस और ट्रैफिक सुधार पर फोकस

शहरी विकास पर सख्त मुख्यमंत्री: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, मानसून से पहले पूरे हों सभी कार्य

अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहरी विकास परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जयपुर सहित प्रदेश के सभी शहरों में सुगम यातायात, स्वच्छता, सौन्दर्यीकरण और सुव्यवस्थित विकास के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जाए।

शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने विशेष रूप से मानसून पूर्व तैयारियों पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त किया जाए, ताकि बारिश के दौरान आमजन को जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने, सफाई कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और कचरे के समयबद्ध उठाव एवं निस्तारण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई मित्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।

यातायात सुधार को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक चौराहों को सिग्नल फ्री बनाया जाए, अनावश्यक रोड कट बंद किए जाएं और शहर में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए। अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीवरेज और ड्रेनेज परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, जिससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने जयपुर को एक मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के लिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।

बैठक में जयपुर की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई, जिनमें सालिग्रामपुरा आरओबी, सिविल लाइंस फाटक आरओबी, गोपालपुरा और सांगानेर एलिवेटेड रोड, अरण्य भवन-जगतपुरा रोड, पुरानी चुंगी अंडरपास, राम मंदिर आरओबी, द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर, महल रोड कॉरिडोर और सेक्टर रोड नेटवर्क शामिल हैं।

इस बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, सार्वजनिक निर्माण विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार शहरी विकास को लेकर गंभीर है और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।