गंगा दशमी से शुरू होगा ‘वंदे गंगा’ अभियान, 12 दिन तक चलेगा जल संरक्षण का महाअभियान
मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma करेंगे राज्यस्तरीय शुभारंभ, गांव-शहर में जल बचाने की शपथ से लेकर ‘रन फॉर एन्वायरमेंट’ तक होंगे कार्यक्रम
अनन्य सोच। राजस्थान में जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए राज्य सरकार 25 मई से ‘वंदे गंगा’ जल संरक्षण जन अभियान शुरू करने जा रही है। गंगा दशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी से इस अभियान का राज्यस्तरीय शुभारंभ करेंगे। यह अभियान 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक प्रदेशभर में चलेगा।
मुख्य सचिव V. Srinivas की अध्यक्षता में गुरुवार को शासन सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में सभी विभागों को मिशन मोड पर काम करते हुए जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
ग्राम सभाओं से लेकर जल चौपाल तक होगा जनजागरण
अभियान के तहत प्रदेशभर में प्रभात फेरियां, कलश यात्राएं, पौधारोपण, जल स्रोतों की सफाई, श्रमदान, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी। 26 मई को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा, जहां ग्रामीणों को जल संरक्षण और प्लास्टिक उपयोग कम करने की शपथ दिलाई जाएगी।
सरकार की योजना है कि इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का बड़ा आंदोलन बनाया जाए। किसान चौपालों में प्रगतिशील किसानों से चर्चा होगी, वहीं कृषि विज्ञान केंद्रों पर प्राकृतिक खेती, सूक्ष्म सिंचाई और कम्पोस्टिंग तकनीक पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
नदियों-बांधों की पूजा, 4 जून को ‘रन फॉर एन्वायरमेंट’
जल संसाधन विभाग की ओर से नदियों, बांधों, सरोवरों और नहरों की पूजा के साथ साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। 31 मई को पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बल श्रमदान कार्यक्रमों में भाग लेंगे। पक्षियों के लिए परिंडे भी बांधे जाएंगे।
वन एवं पर्यावरण विभाग 4 जून को ‘रन फॉर एन्वायरमेंट’ आयोजित करेगा। वहीं आमजन को तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे और ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान की तैयारियां भी शुरू होंगी।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा ‘जल गौरव सम्मान’
अभियान के समापन पर जल संरक्षण और जनभागीदारी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को ‘जल गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों में बड़े स्तर पर जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं।