बॉर्डर पर ‘अमित शाह का मेगा सिक्योरिटी प्लान’: 15 KM दायरे में अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, हर जिले में बनेगा 360° सुरक्षा ग्रिड

बीकानेर में हाईलेवल बैठक में बड़ा फैसला; घुसपैठ, नार्कोटिक्स, फर्जी आधार, म्यूल अकाउंट और आतंकी फंडिंग पर कसेगा शिकंजा

May 27, 2026 - 17:48
May 27, 2026 - 17:49
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बॉर्डर पर ‘अमित शाह का मेगा सिक्योरिटी प्लान’: 15 KM दायरे में अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त, हर जिले में बनेगा 360° सुरक्षा ग्रिड

अनन्य सोच। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बीकानेर में बड़ी सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ, नार्कोटिक्स तस्करी, साइबर अपराध और आतंकी फंडिंग जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत मंथन हुआ।

बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बीएसएफ, सीबीडीटी, एनसीबी सहित बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलोदी के जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

अमित शाह ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने हर सीमावर्ती जिले में “360 डिग्री सिक्योरिटी ग्रिड” तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें स्थानीय नागरिकों, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

सीमा से 15 KM के भीतर अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर

बैठक में सबसे बड़ा फैसला सीमा क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर लिया गया। गृह मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और उन्हें जमींदोज करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल चौकियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आर्थिक और प्रशासनिक नेटवर्क पर भी सख्त निगरानी जरूरी है। इसी के तहत बैंकों के वित्तीय अनुपालन, बड़े बिजनेस प्रतिष्ठानों के फंडिंग स्रोतों और संदिग्ध लेन-देन की जांच के निर्देश दिए गए।

फर्जी आधार, म्यूल अकाउंट और तस्करी नेटवर्क पर सख्ती

अमित शाह ने जिला प्रशासन को म्यूल अकाउंट, फर्जी कंपनियों और फर्जी आधार कार्डों की पहचान कर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही घुसपैठ, अतिक्रमण, नार्कोटिक्स तस्करी और सीमा पार अपराधों के नेटवर्क का गहराई से अध्ययन कर स्थायी समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया।

साइबर अपराधों पर रोक के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग और तीन नए आपराधिक कानूनों के सख्त क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

सीमावर्ती गांवों तक पहुंचेगा विकास और सुशासन

बैठक में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-II (VVP-II) को सीमावर्ती इलाकों के विकास का अहम आधार बताया गया। इसके जरिए बुनियादी सुविधाओं, सड़क, बिजली, संचार और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

सरकार का फोकस अब केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास, विश्वास और मजबूत प्रशासन के मॉडल के रूप में तैयार करने पर भी है।