मोबाइल स्क्रीन पर छिड़ी सियासी जंग! Gehlot का Gen-Z दांव या BJP की Digital Strategy... राजस्थान में कौन मारेगा बाजी?
राजस्थान की राजनीति अब सिर्फ सभाओं और रोड शो तक सीमित नहीं रही। असली मुकाबला अब Social Media पर दिखाई दे रहा है। एक तरफ Ashok Gehlot युवाओं और Gen-Z की आवाज को चुनावी मुद्दा बना रहे हैं, तो दूसरी ओर BJP ने Instagram Reels, Short Videos और Digital Campaign के जरिए अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी है। ऐसे में सवाल यही है कि आने वाले Panchayat और Urban Local Body Elections में डिजिटल दांव किसके काम आएगा?
अनन्य सोच। राजस्थान की सियासत में अब चुनावी लड़ाई का नया रणक्षेत्र Social Media बन चुका है। बदलते दौर के साथ राजनीतिक दल भी अपनी रणनीति बदल रहे हैं। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि आज की Gen-Z पीढ़ी सोशल मीडिया पर खुलकर अपनी बात रख रही है। ऐसे में Unemployment, Paper Leak, Education Reform और युवाओं से जुड़े मुद्दों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूती से उठाने की जरूरत है।
गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज हो चुकी हैं। कांग्रेस का मानना है कि युवाओं की नाराजगी को सोशल मीडिया के जरिए बड़े जनसमर्थन में बदला जा सकता है। पार्टी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी सक्रियता बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ BJP Rajasthan भी चुनावी मैदान में पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma सरकार की उपलब्धियों को Instagram Reels, Short Videos, Infographics और अन्य डिजिटल माध्यमों से जनता तक पहुंचाया जा रहा है। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, विकास कार्य, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण योजनाओं को प्रमुखता से प्रचारित किया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार युवा कार्यकर्ताओं और स्थानीय Influencers की मदद से विशेष Digital Campaign चलाया जा रहा है।
इस बीच संगठन स्तर पर भी कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। ब्यावर जिले के सोजत विधानसभा क्षेत्र में AICC सचिव एवं राजस्थान सह-प्रभारी Poonam Paswan की मौजूदगी में संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में टिकट वितरण, बूथ स्तर की तैयारियों और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं ने साफ संकेत दिए कि Paper Leak, युवा बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दे चुनाव में प्रमुख हथियार होंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार चुनावी मुकाबला केवल जमीनी सभाओं तक सीमित नहीं रहेगा। जिस पार्टी की डिजिटल पहुंच युवाओं तक अधिक प्रभावी होगी, उसे चुनावी लाभ मिल सकता है। खासकर Gen-Z Voters और पहली बार मतदान करने वाले युवा अब सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक संदेशों से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
दिनभर Paper Leak और छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी चर्चा में रहा। कांग्रेस ने इसे लगातार सरकार के खिलाफ प्रमुख मुद्दा बनाया, जबकि BJP ने अपनी सरकार की कार्रवाई और सुधारात्मक कदमों का बचाव किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma पूर्व विधानसभा अध्यक्ष Sumitra Singh का हालचाल जानने उनके आवास भी पहुंचे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे पंचायत और निकाय चुनाव नजदीक आएंगे, Congress और BJP के बीच यह Digital War और तेज होगी। इस बार चुनावी नतीजों पर केवल रैलियां नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन पर चलने वाला प्रचार भी बड़ा असर डाल सकता है।