डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्व-गणना कर दिया जनगणना 2027 का संदेश

1 मई से 15 मई तक नागरिकों के लिए स्व-गणना सुविधा, राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने किया औपचारिक शुभारंभ

डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्व-गणना कर दिया जनगणना 2027 का संदेश

अनन्य सोच। राजस्थान में Census 2027 की प्रक्रिया का आगाज़ शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल के साथ हुआ, जब मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma ने स्वयं स्व-गणना में भाग लेकर नागरिकों को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने अपने निवास से आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर लॉग इन कर अपनी जानकारी दर्ज की और फॉर्म सबमिट किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाएं।

(Rajasthan Government) मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (Digital Census) उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना (Self Enumeration) सुविधा का अधिकतम उपयोग करें और इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं।

इसी क्रम में Governor Haribhau Bagde ने जयपुर स्थित लोक भवन में स्व-गणना के माध्यम से इस प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सटीक और पूर्ण जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया वेब पोर्टल उपयोगकर्ता के अनुकूल है, जिससे लोग आसानी से अपनी जानकारी भर सकते हैं।

राज्यपाल ने विशेष रूप से युवाओं और सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग में दूसरों की मदद करें, ताकि कोई भी व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जनगणना में भागीदारी राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करती है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत 16 मई से प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य प्रारंभ करेंगे। इससे पहले 1 मई से 15 मई तक नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा प्रदान की गई है, जिसमें वे अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल पर लॉग इन कर स्वयं और अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।

जनगणना निदेशक विष्णु चरण मलिक ने बताया कि यह भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें डेटा संग्रह आधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक बनेगी।