गंगा दशमी से विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले- जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं, गांव-गांव तक पहुंचे जागरूकता का संदेश

May 18, 2026 - 08:02
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गंगा दशमी से विश्व पर्यावरण दिवस तक चलेगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’

अनन्य सोच। प्रदेश में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकार बड़ा जन अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने निर्देश दिए हैं कि 25 मई गंगा दशमी से 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस तक चलने वाले ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि जल संचय और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए शहरों से लेकर गांवों तक आमजन और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरत है और इसके लिए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा समाज के हर वर्ग को साथ जोड़ना जरूरी है।

जल संरचनाओं के संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान प्रदेशभर में कुएं, तालाब, बावड़ी और अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाए। साथ ही इन जल स्रोतों के पूजन-नमन कार्यक्रम आयोजित कर उनकी पाल पर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाए।

उन्होंने कहा कि मकानों और सरकारी इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को और मजबूत बनाया जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम उपयोग हो सके। इसके साथ ही नई जल संरचनाओं के निर्माण एवं विकास पर भी जोर देने के निर्देश दिए गए।

‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ बनेगा जन संदेश

मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान ‘पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ’ संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा दशमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को आमजन तक पहुंचाकर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।

बैठक में जल संचय जन भागीदारी 2.0 और कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।