राजस्थान को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी: सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट

मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल के बड़े फैसले, पेंशनर्स से लेकर ग्रामीण विकास तक कई अहम घोषणाएं

May 22, 2026 - 22:11
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राजस्थान को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी: सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट

अनन्य सोच। राजस्थान सरकार ने प्रदेश को ‘विकसित राजस्थान-2047’ विजन के अनुरूप वैश्विक औद्योगिक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी गई। इस नई नीति के तहत सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और हाईटेक उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

बैठक के बाद उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री Rajyavardhan Singh Rathore, जल संसाधन मंत्री Suresh Singh Rawat और ऊर्जा राज्यमंत्री Heeralal Nagar ने पत्रकार वार्ता में फैसलों की जानकारी दी।

2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

सरकार की नई औद्योगिक नीति ‘4G मॉडल’ यानी ग्रीन, गवर्नेंस, ग्रोथ और ग्लोबलाइजेशन पर आधारित होगी। नीति का लक्ष्य वर्ष 2028-29 तक राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।

नई नीति के तहत अक्षय ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एमएसएमई, ओडीओपी, एक्सपोर्ट, टेक्सटाइल, टूरिज्म, डेयरी, एग्रो प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मजबूती दी जाएगी।

सेमीकंडक्टर और डिफेंस सेक्टर पर सरकार का फोकस

सरकार ने साफ किया कि आने वाले समय में राजस्थान को हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर, जीसीसी और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने की योजना बनाई गई है। डीएमआईसी कॉरिडोर में नए औद्योगिक पार्क विकसित होंगे और ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

पेंशनर्स को बड़ी राहत, मोबाइल एप से जमा होगा जीवन प्रमाण पत्र

मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब पेंशनर्स फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए मोबाइल एप से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। इसके अलावा अराजपत्रित कर्मचारी भी एसएसओ आईडी के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे।

विशेष योग्यजन बच्चों के लिए स्थाई विकलांगता प्रमाण पत्र बार-बार जमा कराने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। अब यह प्रमाण पत्र केवल एक बार देना होगा।

25 मई से शुरू होगा ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’

मंत्रिपरिषद की बैठक में 25 मई से 5 जून तक चलने वाले ‘वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान’ की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। अभियान के दौरान प्रदेशभर में जल चौपाल आयोजित होंगे और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को ‘जल गौरव सम्मान’ दिया जाएगा।

बिजली-पानी को लेकर सरकार अलर्ट

भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर भी समीक्षा की। सरकार के अनुसार 20 मई को प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 16,487 मेगावाट रही, जबकि उपलब्धता 16,580 मेगावाट दर्ज की गई। सभी प्रभारी मंत्री जिलों में नियमित समीक्षा करेंगे और हेल्पलाइन 181 पर आने वाली शिकायतों का 24 घंटे में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके अलावा जैसलमेर और बीकानेर में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं तथा सीमेंट उद्योगों के लिए भूमि आवंटन को भी मंजूरी दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।