Rajasthan के मंदिरों में गूंजेंगे विशेष मंत्र, Devsthan Department की मेगा तैयारी; 10 जून को होगा भव्य आयोजन
Service, Good Governance और Welfare के 12 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में Special Puja, Aarti और Prayer Assemblies; आमजन की भागीदारी पर रहेगा विशेष फोकस
अनन्य सोच। केंद्र सरकार के 12 Years of Service, Good Governance and Welfare पूर्ण होने के अवसर पर राजस्थान में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलेगा। इस विशेष अवसर को यादगार बनाने के लिए Devsthan Department Rajasthan ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में 10 जून को विशेष Puja, Aarti और Prayer Meetings आयोजित की जाएंगी, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी रहने की संभावना है।
इसी संबंध में Devsthan Minister Joraram Kumawat ने शासन सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में आयोजन को सुचारू, व्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री श्री कुमावत ने बताया कि केंद्र सरकार के सुशासन और जनकल्याण के 12 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेश, जिला और उपखंड स्तर के प्रमुख मंदिरों में सुबह 8 बजे विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रदेश और देश की समृद्धि, विकास तथा जनकल्याण की कामना की जाएगी।
आयोजन की खास बात यह होगी कि इसमें केवल धार्मिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का भी व्यापक स्वरूप देखने को मिलेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि यह आयोजन जनआस्था और जनभागीदारी का प्रतीक बन सके।
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसरों में Drinking Water Facility, छायादार व्यवस्था, साफ-सफाई और सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यक्रमों की निगरानी और समन्वय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
देवस्थान विभाग का मानना है कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि सुशासन, जनसेवा और सामाजिक एकजुटता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। अब सभी की निगाहें 10 जून पर टिकी हैं, जब राजस्थान के मंदिरों में एक साथ श्रद्धा, आस्था और जनसहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।