‘गुलाबी नगर को मेट्रो की नई रफ्तार’: जयपुर मेट्रो फेज-2 को मिली रिकॉर्ड समय में मंजूरी

13,037 करोड़ की परियोजना को 20 दिन में स्वीकृति—41 किमी कॉरिडोर पर बनेंगे 36 स्टेशन, ट्रांसपोर्ट में आएगा बड़ा बदलाव

Apr 29, 2026 - 20:39
Apr 30, 2026 - 08:13
 0
‘गुलाबी नगर को मेट्रो की नई रफ्तार’: जयपुर मेट्रो फेज-2 को मिली रिकॉर्ड समय में मंजूरी

अनन्य सोच। जयपुर शहर के सार्वजनिक परिवहन को नई दिशा देने वाली जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को केंद्र सरकार से रिकॉर्ड समय में औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने 13,037.66 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए मंजूरी आदेश जारी कर दिया है। खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से स्वीकृति मिलने के मात्र 20 दिनों के भीतर यह आदेश जारी कर दिया गया, जिसे प्रशासनिक तेजी का उदाहरण माना जा रहा है। यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों से यह योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। 41 किलोमीटर लंबे इस उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर में प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक कुल 36 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उल्लेखनीय है कि 8 अप्रैल को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने तेजी दिखाते हुए इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया को गति दी। मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) को निर्देश दिए कि परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।

परियोजना के पहले चरण में प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के लिए कार्यादेश जल्द जारी किया जाएगा। इसके अलावा अन्य पैकेजों के लिए निविदा प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

मेट्रो रेल नीति 2017 के तहत इस परियोजना में केंद्र सरकार 50 प्रतिशत इक्विटी प्रदान करेगी, जिससे राज्य सरकार पर वित्तीय भार कम होगा। RMRCL के माध्यम से इस परियोजना को लागू किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की समान भागीदारी होगी।

सरकार ने इस परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके पूर्ण होने के बाद जयपुर में यातायात व्यवस्था में सुधार, प्रदूषण में कमी और नागरिकों को तेज, सुरक्षित व आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।