जेकेके में ‘जैसा तुम कहो’ का प्रभावशाली मंचन, हँसी के बीच उभरी अकेलेपन की गहरी पीड़ा

जेकेके में ‘जैसा तुम कहो’ का प्रभावशाली मंचन, हँसी के बीच उभरी अकेलेपन की गहरी पीड़ा

अनन्य सोच। जवाहर कला केन्द्र के कृष्णायन सभागार में गुरुवार को यूनिवर्सल थिएटर एकेडमी द्वारा नाटक ‘जैसा तुम कहो’ का सफल मंचन किया गया। केशव गुप्ता के निर्देशन और जयवर्धन की लेखनी पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों को भावनाओं के विविध रंगों से रूबरू कराया।

कबीर के दोहे “बिना विचारे सो करे, वो पाछे पछताय” को केंद्र में रखते हुए नाटक एक पारिवारिक कथा के रूप में आगे बढ़ता है। पति-पत्नी की नोंकझोंक के माध्यम से बुजुर्ग दंपती के अकेलेपन, बच्चों के विदेश मोह और बदलते सामाजिक परिवेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। कहानी में एक किरायेदार के प्रवेश से रिश्तों में जटिलता और भावनात्मक टकराव पैदा होता है, जबकि नौकर का विदूषक रूप हास्य का संतुलन बनाए रखता है।

नाटक में दिखाया गया कि कैसे विदेश में बसे बेटे के कारण माता-पिता अकेलेपन से जूझते हैं। अंत में बेटे की अचानक वापसी कहानी को करुण भाव के साथ समाप्त करती है। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने दर्शकों को कभी हँसाया तो कभी भावुक कर दिया।

नाटक में अर्जुन देव, ऋचा पालीवाल, माधव अवतार, यशस्विनी जांगिड और अमन कुमार ने प्रभावी भूमिकाएँ निभाईं। मंच सज्जा, प्रकाश और संगीत ने प्रस्तुति को और सशक्त बनाया।