शिक्षा में डबल धमाका: एमडीएसयू ने रचा इतिहास, RBSE रिजल्ट 2026 में बेटियों का परचम

शिक्षा में डबल धमाका: एमडीएसयू ने रचा इतिहास, RBSE रिजल्ट 2026 में बेटियों का परचम

Ananya soch: MDSU Workshop

अनन्य सोच। Education Reform:  शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान ने मंगलवार को दो बड़ी उपलब्धियों के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया। एक ओर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट वर्कशॉप आयोजित कर प्रदेश में पहला विश्वविद्यालय बनने का गौरव हासिल किया, वहीं दूसरी ओर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 5, 8, माध्यमिक और प्रवेशिका परीक्षा 2026 के परिणाम जारी कर दिए, जिनमें छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया।

एमडीएसयू बना एनईपी क्रियान्वयन का अग्रदूत

कार्यशाला में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि शिक्षक ही नीतियों को धरातल पर उतारते हैं। एमडीएसयू द्वारा एनईपी 2020 आधारित अध्यादेश लागू करना शिक्षा सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम, शोध और स्किल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दे रहा है।

उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव

राज्य सरकार द्वारा लागू प्रमुख सुधार:

  • सभी राजकीय कॉलेजों में CBCS और सेमेस्टर सिस्टम

  • 30% क्षैतिज आरक्षण छात्राओं के लिए

  • किसानों के बच्चों के लिए शुल्क माफी (2024-25 से)

  • 71 नए कॉलेज (36 सामान्य, 25 कन्या, 9 कृषि)

  • AI, रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग जैसे कोर्स शुरू

  • RBSE रिजल्ट 2026: आंकड़ों में सफलता (RBSE Result 2026) 

परीक्षा पंजीकृत छात्र उपस्थित कुल परिणाम छात्र (%) छात्राएं (%)
माध्यमिक 10,66,561 10,49,068 94.23% 93.63 94.90
प्रवेशिका 7,764 7,570 87.11% 85.74 88.33
कक्षा 8 12,86,220 97.01% 96.52 97.57
कक्षा 5 13,68,947 97.75% 97.59 97.94

ग्रेडिंग सिस्टम: नई शिक्षा की झलक (Rajasthan Board) 

कक्षा 5 और 8 में A से E ग्रेडिंग प्रणाली लागू की गई।

  • कक्षा 5 में 35.87% छात्रों को A ग्रेड

  • कक्षा 8 में 20.41% छात्रों को A ग्रेड
    यह प्रणाली छात्रों के समग्र मूल्यांकन को बढ़ावा देती है।

  • छात्राओं का शानदार प्रदर्शन

हर स्तर पर छात्राओं ने छात्रों से बेहतर परिणाम दिए। माध्यमिक में 94.90% और कक्षा 8 में 97.57% सफलता दर ने शिक्षा में लैंगिक समानता की मजबूत तस्वीर पेश की।

भविष्य की दिशा: स्किल + रोजगार + नवाचार

नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार युवाओं को स्टार्टअप और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। शिक्षा अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि दक्षता और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।