खेलों के साथ भविष्य की भी सुरक्षा: राजस्थान सरकार का बड़ा कदम 186 पदक विजेता खिलाड़ियों को मिली सरकारी नौकरी, 2028 ओलंपिक की तैयारी में जुटा राजस्थान
अनन्य सोच। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार प्रदेश को स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सरकार ‘खेलों के साथ भी, खेलों के बाद भी’ के विजन के तहत खिलाड़ियों को केवल खेल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध करा रही है। इसी सोच के साथ प्रदेश में राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम, आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां और स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस जैसी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना और 2028 ओलंपिक के लिए मजबूत आधार तैयार करना है। इसके लिए खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और सुरक्षित भविष्य देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जयपुर में बनेगा राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को ओलंपिक मंच तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की तर्ज पर ‘राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत वर्ष 2028 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए 50 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच, अत्याधुनिक प्रशिक्षण, खेल किट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
इसके साथ ही खिलाड़ियों को 25 हजार रुपये प्रतिमाह ‘आउट ऑफ पॉकेट’ भत्ता भी दिया जाएगा, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें। सरकार जयपुर में ‘राजस्थान सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी स्थापित करने जा रही है, जहां चयनित खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यह योजना उन खिलाड़ियों के लिए बनाई गई है, जो केंद्र सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का लाभ नहीं ले रहे हैं। योजना में 20 प्रतिशत सीटें पैरा खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। योजना के पारदर्शी संचालन और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निगरानी के लिए ‘राजस्थान मिशन ओलंपिक समिति’ और ‘राज्य प्रतिभा खोज एवं विकास समिति’ का गठन किया गया है।
186 खिलाड़ियों को मिली आउट ऑफ टर्न नियुक्ति
राज्य सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति को भी मजबूती से लागू कर रही है। अब तक 186 पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी खेल उपलब्धियों के आधार पर सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।
इनमें क्रिकेट खिलाड़ी रवि बिश्नोई, शूटिंग खिलाड़ी मानिनी कौशिक, घुड़सवारी खिलाड़ी दिव्यकृति सिंह और कबड्डी खिलाड़ी सचिन को राजस्थान पुलिस सेवा में उप अधीक्षक पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं पैराशूटिंग खिलाड़ी मोना अग्रवाल को प्राध्यापक (शारीरिक शिक्षा) पद पर नियुक्ति देकर सम्मानित किया गया है।
खिलाड़ियों को 40 करोड़ से अधिक का अनुदान
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले 1,786 खिलाड़ियों को लगभग 40 करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। यह अनुदान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और बड़ी प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद करेगा।
स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस से मिलेगा सुरक्षा कवच
खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को 25 लाख रुपये तक का दुर्घटना और जीवन बीमा कवर दिया जा रहा है। साथ ही खिलाड़ियों को आधुनिक खेल उपकरण खरीदने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। राजस्थान सरकार की इन योजनाओं को प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।