“अपराधियों में डर, आमजन में भरोसा: जीरो टॉलरेंस के साथ कानून व्यवस्था पर सख्त एक्शन मोड में सरकार”
महेश शर्मा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उच्च स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला—एफआईआर से लेकर साइबर क्राइम तक हर स्तर पर सख्ती, पुलिस तंत्र को मिलेगा पूरा संसाधन समर्थन
अनन्य सोच। प्रदेश में कानून व्यवस्था (Law & Order) को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि Rajasthan Government अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अपराध पर शुरुआती स्तर पर ही रोक लगाना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
CM Bhajanlal Sharma ने निर्देश दिए कि (Police Department) सभी पुलिस थानों में दर्ज एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि हर जिले में प्रतिदिन स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई आयोजित हो और अपराधों के निस्तारण की श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार की जाए।
पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और निगरानी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को थानों का नियमित निरीक्षण करने और पुलिस महानिरीक्षकों को एसपी कार्यालयों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उच्च अधिकारियों को भी जिलों का नियमित दौरा करने के लिए कहा गया, जिससे जमीनी स्तर पर कानून व्यवस्था की स्थिति पर सीधा नियंत्रण बना रहे।
साइबर क्राइम और संगठित अपराध पर सख्ती (Cyber Crime)
बैठक में साइबर अपराधों को लेकर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इनकी उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग प्रतिदिन हो और पीड़ितों के साथ संवाद स्थापित किया जाए। साथ ही, पुलिसकर्मियों को भारतीय न्याय संहिता और साइबर कानूनों पर विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क को समाप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क को तोड़ने और सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने की बात कही। मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए भी विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए।
कम्यूनिटी पुलिसिंग पर विशेष फोकस (Community Policing)
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का व्यवहार आमजन के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने कम्यूनिटी पुलिसिंग को मजबूत करने और सीएलजी (Community Liaison Group) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे समाज में विश्वास और सहभागिता बढ़े।
अपराधों में उल्लेखनीय कमी, सरकार का दावा (Crime Statistics)
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश में कुल अपराधों में 18.77% की कमी दर्ज की गई है। हत्या के मामलों में 25.68%, डकैती में 47.26%, लूट में 50.75% और चोरी में 33.75% की गिरावट आई है। वहीं, महिला अत्याचार में 9.94% और एससी-एसटी के खिलाफ अपराधों में 28.29% की कमी दर्ज की गई है।
बलात्कार और पोक्सो मामलों में अनुसंधान का औसत समय भी घटकर क्रमशः 107 से 42 दिन और 103 से 40 दिन रह गया है।
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपरलीक पर सख्त कार्रवाई (SIT Action)
सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने Paper Leak, नकल माफिया, डमी अभ्यर्थियों और फर्जी प्रमाणपत्रों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। इसका परिणाम यह रहा कि वर्तमान कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा में पेपरलीक की घटना सामने नहीं आई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि (Governance) सरकार का लक्ष्य है—“अपराधियों में डर और आमजन में विश्वास”। उन्होंने दोहराया कि कानून व्यवस्था मजबूत होने से ही प्रदेश में निवेश और विकास को गति मिलेगी।