औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: रीको ने खोले 21 नए इंडस्ट्रियल एरिया, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

राज्य में 195 भूखण्ड आवंटित/ऑफर, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: रीको ने खोले 21 नए इंडस्ट्रियल एरिया, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

अनन्य सोच। राजस्थान में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को गति देने की दिशा में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रीको द्वारा 21 नए औद्योगिक क्षेत्रों को आवंटन हेतु खोला गया है, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इन औद्योगिक क्षेत्रों में निवेशकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भूखण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उद्यमी कम लागत में तेजी से अपनी इकाइयां स्थापित कर सकें। अधिकांश क्षेत्रों में प्रत्यक्ष आवंटन योजना के तहत प्लॉट दिए जा रहे हैं, जिससे प्रक्रियाएं सरल और समयबद्ध बन सकें।

नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में कई स्थानों पर निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई है। अलवर के रूंधसोखरी में 40, अजमेर के अजयमेरू पालड़ा विस्तार में 18 और सांथना जनरल जोन में 17, बालोतरा के बोरावास कलावा प्रथम चरण स्पेशल पार्क में 28, सीकर के गणेश्वर में 46 तथा जयपुर के हुक्कन औद्योगिक क्षेत्र में 31 भूखण्ड आवंटित या ऑफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। अब तक कुल 195 औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन या प्रस्ताव जारी हो चुका है, जो निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

इन 21 औद्योगिक क्षेत्रों में अजमेर का केकड़ी विस्तार, भरतपुर का बारौली, भीलवाड़ा के पंढेर गुलाबपुरा, धुनवाला, पीपलूंद और कीडिमाल, जयपुर का बिचून, कोटा का पीपलखेड़ी बारां और कछालिया बूंदी तथा उदयपुर का सगतपुरा शामिल हैं।

इसके साथ ही रीको ने विशेष उत्पाद आधारित औद्योगिक क्षेत्रों का भी विकास किया है, जिनमें अजमेर का आईटी पार्क, बीकानेर के गजनेर का सेरेमिक पार्क, किशनगढ़ का टाइल्स पार्क, कोटा के गुंदी फतेहपुर का स्टोन पार्क और वाटर रिसाइक्लिंग पार्क प्रमुख हैं।

पिछले वर्षों की तुलना में औद्योगिक क्षेत्रों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है, जो राज्य सरकार की औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह पहल न केवल निवेश को आकर्षित करेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी।