170 साल पुराने इंडिया पोस्ट ने रचा नया इतिहास, राजस्व पहुंचा 15,373 करोड़; अब हर गांव तक पहुंचेगी डिजिटल डाक क्रांति

पार्सल कारोबार में 70% उछाल, 5,800 करोड़ के IT 2.0 निवेश से बदल जाएगी डाक सेवाओं की तस्वीर

May 25, 2026 - 21:10
 0
170 साल पुराने इंडिया पोस्ट ने रचा नया इतिहास, राजस्व पहुंचा 15,373 करोड़; अब हर गांव तक पहुंचेगी डिजिटल डाक क्रांति

अनन्य सोच। देश की पारंपरिक डाक सेवा अब तेजी से डिजिटल और लॉजिस्टिक्स पावरहाउस में बदलती नजर आ रही है। India Post ने वित्त वर्ष 2025-26 में 15,373 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया है, जो विभाग के 170 वर्षों के इतिहास की सबसे बड़ी वित्तीय उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है।

संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री Chandra Sekhar Pemmasani ने कहा कि वर्ष 2016 में विभाग का राजस्व करीब 11,500 करोड़ रुपये था और हर साल औसतन केवल 200-300 करोड़ रुपये की वृद्धि होती थी। लेकिन इस बार 2,100 करोड़ रुपये की अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने इंडिया पोस्ट की कार्यशैली और रणनीति दोनों को नई पहचान दी है।

पार्सल और लॉजिस्टिक्स बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन

डॉ. पेम्मासानी के अनुसार, तकनीक और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी ने इंडिया पोस्ट के पार्सल कारोबार को नई रफ्तार दी है। पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और आने वाले समय में अकेले इस क्षेत्र से 10 हजार करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलने की संभावना जताई गई है।

ओटीपी आधारित डिलीवरी, एसएमएस ट्रैकिंग, यूपीआई भुगतान और तेज स्पीड पोस्ट सेवाओं ने विभाग की विश्वसनीयता बढ़ाई है। छह महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा शुरू कर दी गई है।

5,800 करोड़ का IT 2.0 निवेश बदलेगा पूरा सिस्टम

इंडिया पोस्ट अब पूरी तरह डिजिटल सेवा मॉडल की ओर बढ़ रहा है। 5,800 करोड़ रुपये के IT 2.0 निवेश के तहत लोग घर बैठे बचत खाते खोल सकेंगे, बीमा पॉलिसी खरीद सकेंगे और दस्तावेज डाउनलोड कर पाएंगे।

फेस रिकग्निशन, ई-केवाईसी, आधार लिंकिंग और क्लाउड सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों को भी जोड़ा जा रहा है।

DBT और सुकन्या योजना से गांवों तक पहुंच मजबूत

India Post Payments Bank के माध्यम से हर साल लगभग 45 हजार करोड़ रुपये की डीबीटी राशि वितरित की जा रही है। वहीं Sukanya Samriddhi Yojana के तहत 3.8 करोड़ बालिकाएं जुड़ चुकी हैं।

करीब 2.5 लाख ग्रामीण डाक सेवक अब बैंकिंग, बीमा और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

आधुनिक रूप में नजर आएंगे डाकघर

देशभर के डाकघरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। डिजिटल काउंटर, आधार अपडेट सुविधा और साझा कार्यस्थल जैसी सेवाओं के जरिए इंडिया पोस्ट युवाओं और ग्रामीण भारत दोनों को जोड़ने की तैयारी में है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इंडिया पोस्ट का यह बदलाव केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि भारत की बदलती आर्थिक और डिजिटल संरचना का बड़ा संकेत है।