राजस्थान में निवेशकों की बल्ले-बल्ले: 41 से बढ़कर अब 190 हुईं Single Window सेवाएं, आवेदन भी 2800 से बढ़कर पहुंचे 10 हजार पार

राज निवेश पोर्टल का हुआ बड़ा विस्तार, अब 19 विभागों की सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर, नीति आयोग की रैंकिंग में राजस्थान को मिला 'अग्रणी राज्य' का दर्जा, नियमों के सरलीकरण में देश में दूसरा स्थान

Aug 14, 2026 - 07:28
Aug 14, 2026 - 07:43
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राजस्थान में निवेशकों की बल्ले-बल्ले: 41 से बढ़कर अब 190 हुईं Single Window सेवाएं, आवेदन भी 2800 से बढ़कर पहुंचे 10 हजार पार

अनन्य सोच। राजस्थान में उद्योग और निवेश को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है, जो प्रदेश में कारोबार शुरू करने का सपना देख रहे हर उद्यमी के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए राज्य के सिंगल विंडो सिस्टम 'राज निवेश' का बड़ा विस्तार कर दिया है।

इसके लिए राजस्थान एंटरप्राइजेज सिंगल विंडो इनेबलिंग एंड क्लियरेंस संशोधन नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है। इस संशोधन के बाद अब सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि पोर्टल पर 19 विभागों से जुड़ी कुल 190 अनुमतियां और स्वीकृतियां शामिल कर दी गई हैं। जरा सोचिए, इससे पहले यानी 2020 में जब यह व्यवस्था शुरू हुई थी, तब सिर्फ 11 विभागों की 41 सेवाएं ही इसमें शामिल थीं। यानी बीते कुछ सालों में सेवाओं की संख्या में करीब पांच गुना का जबरदस्त इजाफा हुआ है।

लेकिन सवाल यह है कि इस विस्तार से आम निवेशकों को आखिर क्या फायदा मिलेगा? दरअसल, अब निवेशकों और उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि सभी जरूरी अनुमतियां और स्वीकृतियां एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिल जाएंगी। साथ ही हर सेवा के लिए तय समय-सीमा भी निर्धारित की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

आंकड़े भी इस बदलाव की सफलता की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। राज निवेश पोर्टल पर प्रतिमाह मिलने वाले औसत आवेदनों की संख्या वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 2,800 से बढ़कर अब 10,000 से भी अधिक हो गई है। इतना ही नहीं, कई अहम सेवाओं के निपटारे में लगने वाला समय भी काफी कम हुआ है। जैसे ई-तुलामान यानी बांट व माप सत्यापन का काम अब 12 दिन की बजाय सिर्फ 7 दिन में हो रहा है, नए इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन का काम 10 दिन से घटकर 5 दिन में और पर्यटन इकाई परियोजना की स्वीकृति 16 दिन से घटकर 10 दिन में पूरी हो रही है। खास बात यह भी है कि फैक्ट्रीज लाइसेंस रिन्यूअल की सेवा अब रियल टाइम में ही मिल रही है।

इस पूरी कवायद पर राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी मुहर लगी है। नीति आयोग के हालिया निवेश अनुकूलता सूचकांक में राजस्थान को 'अग्रणी राज्य' की श्रेणी में जगह मिली है। बड़े राज्यों में नियमों के सरलीकरण के मामले में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर रहा है, जबकि निवेश प्रोत्साहन नीतियों में राज्य ने तीसरा स्थान हासिल किया है, जो प्रदेश के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।