संजीवनी कला समारोह: जयपुर में छात्राओं के Nukkad Natak से Green Revolution और Clean Jaipur का संदेश

जयपुर के अल्बर्ट हॉल पर संजीवनी कला समारोह में शिवाजी नगर स्कूल की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक से Environment Protection, स्वच्छता और पेड़ लगाने का संदेश दिया।

Oct 21, 2026 - 17:26
Oct 21, 2026 - 18:29
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संजीवनी कला समारोह: जयपुर में छात्राओं के Nukkad Natak से Green Revolution और Clean Jaipur का संदेश

अनन्य सोच । राजधानी जयपुर में अल्बर्ट हॉल के सामने बुधवार को अलग ही नजारा दिखा। जयपुर वेस्ट स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर की छात्राओं ने Street Play (नुक्कड़ नाटक) के जरिए हरियाली, स्वच्छता और Environment Protection का संदेश दिया। यह प्रस्तुति संजीवनी कला समारोह के अंतर्गत हुई।

संजीवनी कला समारोह के तहत आयोजन

ओरियन ग्रीन्स द्वारा आयोजित संजीवनी कला समारोह राजस्थान सरकार के कला, साहित्य एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। इसी कड़ी में शिवाजी नगर विद्यालय की छात्राओं ने "हरित क्रांति, स्वच्छ क्रांति" विषय पर प्रभावशाली प्रस्तुति दी। आयोजन का उद्देश्य Cultural Event के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाना है।

किरदारों के जरिए Public Awareness

नाटक में छात्राओं ने अलग-अलग दृश्यों में बंदर, मदारी, दुकानदार, छात्र, महिला सफाई कर्मी और आम नागरिक की भूमिकाएं निभाईं। इन किरदारों की जागरूकता और भागीदारी के माध्यम से आमजन से पेड़ लगाने, स्वच्छता अपनाने और पर्यावरण बचाने की अपील की गई। सरल भाषा और जीवंत अभिनय के कारण राहगीर भी रुककर प्रस्तुति देखते नजर आए। संदेश साफ था कि Clean and Green City का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए।

निर्देशन और सराहना

नुक्कड़ नाटक का निर्देशन विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका पूनम भास्कर ने किया। प्रधानाचार्या श्रीमती निर्मला सिंह ने छात्राओं की प्रस्तुति की खुले मन से सराहना की। उन्होंने ओरियन ग्रीन्स और संजीवनी कला समारोह के आयोजकों का भी आभार जताया, जिन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सामाजिक संदेश देने का मंच उपलब्ध कराया।

Student Participation से बदलाव की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूली विद्यार्थियों की भागीदारी से Environmental Awareness का संदेश समाज के हर वर्ग तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचता है। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करते हैं।