“तरंगिनी 2026 से गूंजी युवा प्रतिभा, उद्यमिता यात्रा से जागा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प”
अजमेर में शिक्षा, संस्कृति और नवाचार का भव्य संगम
Ananya soch: Rajasthan Education News
अनन्य सोच। इंजीनियरिंग कॉलेज, अजमेर (Ajmer Engineering College) के वार्षिकोत्सव तरंगिनी 2026 (Tarangini Festival) का आयोजन जवाहर रंगमंच में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अनुशासन और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani Speech) ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “युवा केवल सपने देखने वाले नहीं, बल्कि उन्हें साकार करने वाले बनने चाहिए।”
संस्कृति की तरंगों पर थिरके युवा
कार्यक्रम में युगल एवं एकल नृत्य, बैंड प्रस्तुति और फैशन वॉक ने दर्शकों का मन मोह लिया। महाभारत, नारी शक्ति और एकता-द स्पिरिट ऑफ इंडिया जैसी थीम्स ने विशेष आकर्षण बटोरा। अंत में हर्षिता भाटी की प्रस्तुति ने समारोह को शानदार समापन दिया। विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेखा मेहरा ने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वहीं संयोजक डॉ. सरोज लाखावत ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की प्रतिभा को दिया।
उद्यमिता यात्रा से जागा आत्मनिर्भर भारत का संदेश
इसी क्रम में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में युवा उद्यमिता यात्रा का शुभारंभ हुआ। स्वदेशी जागरण मंच और स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं में नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई चेतना जगाई।
देवनानी ने कहा कि आज के युवाओं को नौकरी पाने के बजाय रोजगार देने वाला बनना होगा। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन का उल्लेख करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर बल दिया।
कौशल, नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई दिशा
(Youth Entrepreneurship) कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने युवाओं को कौशल विकास, वित्तीय मार्गदर्शन और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने पर जोर दिया। यह यात्रा प्रदेशभर में आयोजित होकर हजारों युवाओं को प्रशिक्षण और मेंटरशिप प्रदान करेगी।
युवाओं के हाथों में देश का भविष्य
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत तेजी से उभर रहा है और युवा इसकी सबसे बड़ी शक्ति हैं। शिक्षा, संस्कृति और उद्यमिता का यह संगम न केवल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी साकार करेगा।