“रफ्तार पकड़ता राजस्थान: ‘व्यापार राजस्थान-2026’ से ऑटो रिटेल सेक्टर बना विकास का पावरहाउस, निवेश और नवाचार के खुले सुनहरे द्वार”

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा विजन—डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी मोबिलिटी इकोसिस्टम से बदलेगा प्रदेश का आर्थिक परिदृश्य

“रफ्तार पकड़ता राजस्थान: ‘व्यापार राजस्थान-2026’ से ऑटो रिटेल सेक्टर बना विकास का पावरहाउस, निवेश और नवाचार के खुले सुनहरे द्वार”

अनन्य सोच। राजस्थान में आर्थिक प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित “व्यापार राजस्थान-2026” कार्यक्रम ने ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को विकास के केंद्र में ला खड़ा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते निवेशकों और उद्यमियों के लिए प्रदेश में अभूतपूर्व अवसरों के द्वार खुल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर विकसित राजस्थान के ग्रोथ इंजन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। सरकार इस क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को बेहतर बुनियादी ढांचा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। 

ऑटोमोबाइल सेक्टर: विकास की नई धुरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में ऑटोमोबाइल सेक्टर की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित किया गया है। यह क्षेत्र न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित कर रहा है।

उन्होंने डीलर्स और उद्यमियों से अपील की कि वे प्रदेश की आर्थिक मजबूती में सक्रिय भागीदारी निभाएं और इस सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। 

नीतिगत फैसलों से मिला बड़ा बूस्ट

राज्य सरकार ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं। अब अधिकृत वाहन डीलर्स को जिला परिवहन अधिकारियों के समान वाहन पंजीयन की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे प्रक्रिया सरल और तेज हो गई है।

वाहनों के पंजीयन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस बना दिया गया है। इससे पारदर्शिता के साथ-साथ समय और संसाधनों की बचत हो रही है। इसके अलावा, वाहन निर्माताओं को भी पंजीयन की अनुमति देकर उद्योग को और अधिक सशक्त बनाया गया है। 

डिजिटल राजस्थान: 53 सेवाएं ऑनलाइन

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘वाहन’ और ‘सारथी’ पोर्टल की 58 सेवाओं में से 53 सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। इससे आम नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं मिल रही हैं और सरकारी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनी हैं।

वाहन डीलर्स द्वारा पंजीयन के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। वहीं, यूज्ड कार डीलर्स को अधिकृत कर ट्रेड सर्टिफिकेट की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई है। 

यूज्ड कार पॉलिसी: भरोसेमंद और संगठित बाजार

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पुरानी कारों के लिए भी एक सुव्यवस्थित नीति बनाई है, जिससे इस बाजार को नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जा सके। इससे उपभोक्ताओं को धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी और राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

ऑटो रिटेल जोन: ट्रैफिक समाधान और बेहतर अनुभव

शहरों में बढ़ती यातायात समस्या को ध्यान में रखते हुए ऑटो रिटेल जोन की अवधारणा को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार होगा और उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सभी वाहन संबंधी सेवाएं मिल सकेंगी।

निवेश, रोजगार और जीएसटी में बड़ा योगदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि “राइजिंग राजस्थान” के तहत हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। यह राज्य में निवेश के बढ़ते विश्वास का स्पष्ट संकेत है।

ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर हजारों डीलर्स के माध्यम से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान कर रहा है। साथ ही, जीएसटी राजस्व में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। 

कौशल विकास से मजबूत होगा भविष्य

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य में कौशल विकास और ऑन-जॉब ट्रेनिंग मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बनेंगे। 

‘गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान’ बना विजन

कार्यक्रम की थीम “गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान” को मुख्यमंत्री ने सार्थक और प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है, जो भविष्य में राजस्थान को विकसित भारत का अग्रणी राज्य बनाएगा।