नांगल जैसा बोहरा में उत्थान सेवा संस्थान का दशम् कन्या पूजन 6 अप्रैल को

Ananya soch
अनन्य सोच। उत्थान सेवा संस्थान की ओर से झोटवाड़ा में नांगल जैसा बोहरा स्थित बावड़ी भूमि में रामनवमी पर छह अप्रैल को सुबह आठ बजे से दशम् कन्या पूजन एवं वैदिक यज्ञ महोत्सव मनाया जाएगा. वंचित समाज की बच्चियों को सभी समाजों के लोग अपने हाथों से जिमाकर समरसता का संदेश देंगे. बच्चियों को उपहार में शिक्षा का प्रकाश दिया जाएगा। शनिवार को संस्थान के अध्यक्ष कैप्टन शीशराम चौधरी की अगुवाई में शिवानंद त्रिपाठी, गोपाल पारीक, संतोष कुमार त्रिपाठी, रामबिलास शर्मा, विनोद शर्मा, सत्यवीर सिंह रोढा, कैप्टन सहीराम मुंड, महेश सारस्वत, गोवर्धन सैनी, मनु महाराज सहित अनेक लोगों ने आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया. कन्या पूजन के लिए आसपास की झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले परिवारों की 571 कन्याओं को अलग-अलग बसों से कार्यक्रम स्थल तक लाया जाया जाएगा. गाजेबाजे और पुष्प वर्षा के साथ उनकी अगवानी की जाएगी. पाद प्रक्षालन कर कन्याओं का पूजन किया जाएगा. मां दुर्गा के रूप में श्रृंगार कर भोजन प्रसादी कराई जाएगी। सभी बच्चियों को ड्रेस, चरण पादूका, पाठ्य सामग्री, स्टेशनरी सहित अनेक उपहार प्रदान किए जाएंगे. उपस्थित सभी लोग कन्याओं की सामूहिक आरती उतारेंगे। बाद में सभी बच्चियों को सुरक्षित तरीके से बसों में बैठाकर उनकी बस्तियों तक छोड़ा जाएगा. इससे पूर्व सुबह आठ बजे पंच कुंडीय यज्ञ किया जाएगा. मां दुर्गा और भगवान श्रीराम के निमित्त विशेष आहुतियां प्रदान की जाएंगी. सचिव शिवानंद त्रिपाठी ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्लास्टिक का पूरी तरह से निषेध होगा। भोजन पत्तों की पत्तल में कराया जाएगा. कागज के गिलास उपयोग में लिए जाएंगे। मंच से प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाने के लिए संदेश प्रसारित किया जाएगा. आयोजन के लिए अनेक समितियां गठित कर शनिवार को कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई.
सरकारी सेवा से निवृत्त होकर हुए समाजसेवा में प्रवृत्त
उल्लेखनीय है कि उत्थान सेवा संस्थान संस्थान 2015 से कार्यरत है. इससे 240 लोग जुड़े हुए हैं. इनमें सुबेदार शीशराम, कर्नल जगदीश चंद्र, लाखन सिंह चाहर, सुबेदार इंद्रेश दुबे, कैप्टन शिशुपाल, कैप्टन मूलचंद मान सेना में रहे हैं. एक दर्जन से अधिक लोग विभिन्न राजकीय सेवाओं से निवृत्त हो चुके हैं. ये सब अपनी पेंशन और समाज के अन्य लोगों से सहयोग लेकर दस साल से गरीब कन्याओं को भोजन कराकर उपहार भेंट करते हैं. संस्थान की ओर से लोहामंडी रोड स्थित झुग्गी बस्ती में निशुल्क पाठशाला का भी संचालन किया जाता है. इसमें करीब 80 बालक-बालिकाएं अध्ययन कर रहे हैं. गौरतलब है कि झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवार सडक़ किनारे रहते हैं. इनका मन है कि बच्चे पढ़े लेकिन सडक़ पर भारी वाहनों के आवागमन के चलते दुर्घटना के डर से ये मन मारकर बच्चों को पढ़ा नहीं पाते. ऐसे में उत्थान सेवा संस्थान ने इनकी बस्ती में ही विद्यालय खोल दिया. पचास बच्चों का एक और विद्यालय की घोषणा रविवार को कार्यक्रम के दौरान की जाएगी.
शिक्षा से बड़ा उपहार नहीं
संस्थान के अध्यक्ष कैप्टन शीशराम चौधरी ने बताया कि तीन लोगों ने मिलकर बच्चों खासकर बच्चियों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया था. अब अनेक लोग जुड़ गए हैं. एक ही इच्छा है कि नवरात्र में सार्थक कन्या पूजन पूरे जयपुर में हो. गरीब कन्याओं को भोजन कराकर उनकी जरुरत का उपहार दिया जाए. शिक्षा से बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता. जब इस तरह के आयोजन सभी जगह होने लग जाएंगे तो एक भी बच्ची पढऩे से वंचित नहीं रहेगी.