रंगमंच की विरासत को नमन: 15वें हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में यादों, विचारों और नाटक का अनूठा संगम

23 अप्रैल को जयपुर में होगा विशेष आयोजन, शिष्य देंगे भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रंगमंच की विरासत को नमन: 15वें हेमलता प्रभु स्मृति समारोह में यादों, विचारों और नाटक का अनूठा संगम

अनन्य सोच। Jawahar Kala Kendra के मध्यवर्ती सभागार में 23 अप्रैल, गुरुवार को शाम 6 बजे 15वां हेमलता प्रभु स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम जयपुर की पहली महिला नाट्य निर्देशक, शिक्षाविद और समाजसेवी हेमलता प्रभु की जयंती के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जिसमें सभी कला प्रेमियों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

स्मृतियों में जीवंत होंगी हेमलता प्रभु की प्रेरणादायक छवि

कार्यक्रम के पहले सत्र में आईएएस अधिकारी संगीता गैरोला अपने संबोधन “मेरा कॉलेज जीवन और उसका प्रभाव” के माध्यम से हेमलता प्रभु के साथ जुड़े अनुभवों को साझा करेंगी। वे बताएंगी कि कैसे उनके मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों के जीवन को दिशा दी और आज भी उनकी सीख प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

“नंगा कपड़ा” नाटक देगा सामाजिक सोच को नई दिशा

समारोह के दूसरे भाग में शास्त्रीय नृत्यांगना एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता प्रियाक्षी अग्रवाल द्वारा नाटक “नंगा कपड़ा (The Naked Cloth)” प्रस्तुत किया जाएगा। यह शोधपरक नाट्य प्रस्तुति भारत में वस्त्र निर्माण के इतिहास और उसके मनोवैज्ञानिक पहलुओं को उजागर करती है। नाटक यह संदेश देता है कि किसी स्त्री की पहचान उसके वस्त्रों से नहीं, बल्कि उसके व्यक्तित्व और विचारों से होती है।

हेमलता प्रभु: कला, शिक्षा और सामाजिक चेतना की प्रेरक शख्सियत

23 अप्रैल 1920 को जन्मी हेमलता प्रभु ने अपने जीवन को कला, शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कनोडिया महिला महाविद्यालय की सह-स्थापना की और महिला नाट्य आंदोलन को नई दिशा दी। वे राजस्थान में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव की अग्रणी रहीं।

कला प्रेमियों से सहभागिता की अपील

इस आयोजन का संचालन उनके मित्रों, परिवारजनों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जा रहा है। आयोजकों ने जयपुरवासियों से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस विशेष अवसर का हिस्सा बनने और हेमलता प्रभु को श्रद्धांजलि देने की अपील की है।