International Forest Day: “वनों का संकल्प, हरियाली का भविष्य” — अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर जयपुर में भव्य राज्य स्तरीय आयोजन कुछ ही देर में, CM भजनलाल शर्मा देंगे नई दिशा

International Forest Day: “वनों का संकल्प, हरियाली का भविष्य” — अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस पर जयपुर में भव्य राज्य स्तरीय आयोजन कुछ ही देर में, CM भजनलाल शर्मा देंगे नई दिशा

 Ananya soch: International Forest Day

अनन्य सोच। Forest Conservation Rajasthan: अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर 21 मार्च को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री Bhajanlal Sharma की उपस्थिति वन संरक्षण को नई गति देने वाली मानी जा रही है। उनके साथ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

 वन संरक्षण को मिलेगी नई ताकत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा घायल वन्यजीवों के रेस्क्यू हेतु आपातकालीन वाहनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। साथ ही वन सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 460 मोटरसाइकिलों का फ्लैग-ऑफ किया जाएगा। यह पहल राज्य में वन्यजीव संरक्षण और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ करेगी।

 “अटल वन” और डिजिटल पहलें बनेंगी आकर्षण (DigiVan Platform Rajasthan) 

शाहपुरा स्थित ‘अटल वन’ का उद्घाटन इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया जाएगा। “डिजीवन” डिजिटल प्लेटफॉर्म (PoC-3 और PoC-4) को लाइव कर वन प्रबंधन में तकनीक का नया अध्याय जोड़ा जाएगा।

प्रमुख पहलें एक नजर में

पहल/परियोजना विवरण
???? वन्यजीव रेस्क्यू वाहन आपातकालीन सेवा को मजबूत करना
????️ 460 मोटरसाइकिलें वन सुरक्षा और गश्त को बढ़ावा
???? अटल वन उद्घाटन शाहपुरा में हरित विकास
???? कॉफी टेबल बुक “एक पेड़ मां के नाम” अभियान
???? डिजीवन प्लेटफॉर्म डिजिटल वन प्रबंधन
???? CRESEP MoU जलवायु व आजीविका सहयोग

जलवायु और आजीविका पर फोकस

(CRESEP Project India) CRESEP परियोजना के अंतर्गत राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद् के साथ MoU साइन किया जाएगा, जिससे जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही SEIAA वेबसाइट का उद्घाटन और विभिन्न जिलों में प्रे-बेस ऑगमेंटेशन सेंटर की शुरुआत भी की जाएगी।

 सम्मान और नई शुरुआत

कार्यक्रम में उत्कृष्ट वनकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं नई वन चौकियों, कार्यालयों और पौधाशालाओं का लोकार्पण भी होगा।

 यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि जन-जागरूकता और सतत विकास की दिशा में राजस्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।