तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम जरूरी: राज्यपाल बागडे

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर ‘सीरी’ से खाद्यान्नों में विषाक्त तत्व जांचने वाले उपकरण विकसित करने का आह्वान

May 11, 2026 - 15:20
May 11, 2026 - 15:21
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तकनीक के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा का संगम जरूरी: राज्यपाल बागडे

अनन्य सोच। राज्यपाल Haribhau Bagde ने विज्ञान एवं तकनीक को स्वस्थ और समृद्ध जीवन का आधार बताते हुए कहा कि आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग आमजन के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान “सीरी” से खाद्यान्नों, सब्जियों और पेय पदार्थों में मौजूद पेस्टीसाइड, केमिकल और विषाक्त तत्वों की जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

राज्यपाल सोमवार को जयपुर स्थित Central Electronics Engineering Research Institute के परिसर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर विज्ञान भारती के सहयोग से आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। ऐसे में तकनीक आधारित परीक्षण उपकरण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे।

भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ने का आह्वान

राज्यपाल ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के आधुनिक विकास के साथ नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से विज्ञान, गणित, खगोल, धातु विज्ञान, आयुर्वेद और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में विश्व का मार्गदर्शक रहा है। शून्य की खोज से लेकर अजंता की गुफाओं में उपयोग किए गए रंगों तक भारत की वैज्ञानिक सोच विश्व के लिए प्रेरणा रही है।

उन्होंने दूध में पानी की मिलावट जांचने के लिए प्रचलित “हंसा टेस्ट” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय पक्षी विज्ञान की अद्भुत देन है। राज्यपाल ने महर्षि अरविंद के विचारों का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी की बौद्धिक क्षमता और नैतिक मूल्यों के विकास पर जोर दिया।

विज्ञान के साथ संस्कारों की भी जरूरत

 बागडे ने कहा कि केवल तकनीकी विकास ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नैतिकता और मानवीय मूल्यों का समावेश भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के साथ “आदमी गढ़ने” पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। उन्होंने भारत की प्राचीन धातु विज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत उस समय धातु विज्ञान में दक्ष था, जब दुनिया के कई देशों को इसका ज्ञान भी नहीं था।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने “राजस्थान विज्ञान महोत्सव 2026” की स्मारिका और पोस्टर का विमोचन किया तथा सीरी द्वारा विकसित विभिन्न तकनीकी उपकरणों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विज्ञान भारती के सचिव Meghendra Sharma एवं सीरी के निदेशक P C Panchariya सहित अनेक वैज्ञानिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।