शहनाइयों की गूंज थमने वाली है! सिर्फ 9 शुभ मुहूर्त बाकी, 25 जुलाई से 4 महीने तक नहीं बजेगी कोई शादी की बैंड
अगर आप शादी की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। इस सीजन में अब केवल 9 शुभ मुहूर्त बचे हैं और 12 जुलाई के बाद कोई नई तारीख उपलब्ध नहीं होगी। इसके बाद शुरू होगा 4 महीने का इंतजार — जानिए पूरी डिटेल।
अनन्य सोच। इस Wedding Season में अब केवल नौ प्रमुख Shubh Muhurat शेष हैं। इनमें 29 जून तथा जुलाई माह की 1, 2, 3, 4, 6, 7, 11 और 12 जुलाई की तिथियां शामिल हैं। इन दिनों विवाह के साथ Griha Pravesh, Mundan, Janeu और अन्य शुभ संस्कार संपन्न किए जा सकते हैं। 12 जुलाई के बाद इस सीजन में कोई नया विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं रहेगा।
विवाह सीजन अपने अंतिम चरण में पहुंचने के साथ ही मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, बैंड-बाजा, डेकोरेशन, लाइटिंग और फूल सजावट से जुड़े व्यवसायों में जबरदस्त व्यस्तता देखी जा रही है। जिन परिवारों में जुलाई के प्रारंभिक शुभ मुहूर्त में विवाह निर्धारित हैं, वे खरीदारी, निमंत्रण वितरण और अन्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। आयोजन स्थलों पर लगातार बुकिंग हो रही है तथा विवाह से जुड़े सभी कारोबारियों के पास काम का दबाव बढ़ गया है।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास, 4 महीने थमेंगे मांगलिक कार्य
ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा के अनुसार, आगामी 25 जुलाई को Devshayani Ekadashi मनाई जाएगी, जिसके साथ ही Chaturmas का शुभारंभ होगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा धारण करते हैं। उनके विश्राम काल के आरंभ होने के साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और यज्ञोपवीत सहित सभी मांगलिक संस्कार अगले चार माह के लिए स्थगित हो जाते हैं।
क्यों रुकते हैं शुभ कार्य? जानें ज्योतिषीय वजह
इस अवधि में भगवान विष्णु के योगनिद्रा में रहने के साथ सूर्य भी कर्क राशि में प्रवेश कर Dakshinayan की यात्रा प्रारंभ करते हैं, जिसे सनातन परंपरा में देवताओं की रात्रि का काल माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय शुभ ग्रहों की स्थिति मांगलिक संस्कारों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
नवंबर में फिर बजेगी शहनाई
चातुर्मास की समाप्ति के बाद नवंबर में Dev Uthani Ekadashi के अवसर पर पुनः विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होगा।