आयुर्वेद-सिद्ध-यूनानी को मिलेगी ग्लोबल पहचान! WHO के साथ मिलकर भारत बना रहा नया हेल्थ कोड सिस्टम

पांच दिवसीय वर्कशॉप में तय होगा आयुष पद्धतियों का भविष्य, जानें क्या है पूरा प्लान

Jul 14, 2026 - 10:54
Jul 14, 2026 - 10:55
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आयुर्वेद-सिद्ध-यूनानी को मिलेगी ग्लोबल पहचान! WHO के साथ मिलकर भारत बना रहा नया हेल्थ कोड सिस्टम

अनन्य सोच। भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अब वैश्विक डिजिटल हेल्थ सिस्टम में शामिल किया जाएगा। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर एक बड़ी पहल शुरू की है। सोमवार को मंत्रालय ने ICHI (International Classification of Health Interventions) फ्रेमवर्क पर पांच दिवसीय एडिटोरियल वर्कशॉप का शुभारंभ किया, जो 13 से 17 जुलाई 2026 तक चलेगी।

यह कार्यशाला केंद्रीय आयुर्वेदीय विज्ञान अनुसंधान परिषद (CCRAS) द्वारा अपने WHO कोलैबोरेटिंग सेंटर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मेडिकल हेरिटेज (NIIMH), हैदराबाद के जरिए आयोजित की जा रही है। इसका मकसद आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी (ASU) पद्धतियों के लिए नेशनल हेल्थ इंटरवेंशन कोड (NHIC) को अंतिम रूप देना है।

क्या है इस डेटाबेस में खास

विशेषज्ञों की टीम ने अब तक जो डेटा तैयार किया है, वह हैरान करने वाला है। आयुर्वेद के लिए 13 स्पेशलाइजेशन एरिया, 76 थेरेपी और 714 प्रोसीजर; सिद्ध के लिए 25 एरिया, 130 ट्रीटमेंट मेथड और 996 प्रोसीजर; और यूनानी के लिए 15 एरिया, 179 ट्रीटमेंट मेथड और 551 प्रोसीजर को शामिल किया गया है। यह काम मई 2026 में हुई सलाहकार बैठकों के बेस ड्राफ्ट पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

मंत्रालय ने बताया इसे "गेम चेंजर" कदम

आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने उद्घाटन सत्र में कहा कि यह पहल सिर्फ कोडिंग प्रोसेस नहीं, बल्कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा को ग्लोबल साइंटिफिक और डिजिटल इकोसिस्टम में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन ने भी इसके दीर्घकालिक नीतिगत प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में CCRUM, CCRS और CCRAS के महानिदेशकों सहित WHO के डॉ. रॉबर्ट जैकब और डॉ. स्टीफन एस्पिरोसा जैसे इंटरनेशनल एक्सपर्ट्स ने भी हिस्सा लिया। सभी ने ग्लोबल इंटरऑपरेबिलिटी और डिजिटल इंफॉर्मेटिक्स को लेकर अहम सुझाव दिए। यह पहल आने वाले समय में आयुष चिकित्सा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।