Rajasthan में Maternal Mortality घटी 25%, लेकिन 4 जिलों की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता; Health Department ने शुरू किया Action Plan
Rajasthan में Maternal Mortality Rate (MMR) में पिछले दो वर्षों के दौरान करीब 25% की गिरावट दर्ज की गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राहत भरी खबर है। हालांकि Kota, Bikaner, Bhilwara और Banswara में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौतों ने Health Department की चिंता बढ़ा दी है। अब सरकार हर मामले की गहन समीक्षा कर नई रणनीति तैयार कर रही है।
अनन्य सोच। राजधानी जयपुर स्थित Swasthya Bhawan में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री Gajendra Singh Khimsar ने बताया कि राज्य में मातृ मृत्यु दर लगातार घट रही है। वर्ष 2023-24 में जहां 1,094 Maternal Deaths दर्ज हुई थीं, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर 986 और 2025-26 में 824 रह गई। उन्होंने कहा कि यह सुधार स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए प्रयासों का परिणाम है, लेकिन एक भी मातृ मृत्यु सरकार के लिए गंभीर विषय है।
बैठक में हाल ही में Kota, Bikaner, Bhilwara और Banswara में हुई प्रसूताओं की मौतों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश मामलों में Anemia, High Blood Pressure (Hypertension) और PPH (Postpartum Hemorrhage) जैसी जटिलताएं सामने आईं। मंत्री ने कहा कि हाई बीपी के कारण कई बार Liver और Kidney Failure जैसी गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं, इसलिए हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी जरूरी है।
Video Conference के माध्यम से बांसवाड़ा और भीलवाड़ा के चिकित्सकों से केस-दर-केस चर्चा की गई, जबकि कोटा और बीकानेर के अधिकारियों से भी विस्तृत रिपोर्ट ली गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि ANC Monitoring, Infection Control, समय पर Referral System और Emergency Obstetric Care को और मजबूत बनाया जाए।
बैठक में शामिल Gynecologists और विशेषज्ञों ने Labour Room Management, ICU Facilities, Referral Audit और अस्पतालों में भीड़ कम करने जैसे कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। स्वास्थ्य विभाग ने इन सिफारिशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का भरोसा दिया।
सरकार का कहना है कि मातृ मृत्यु दर में आई कमी सकारात्मक संकेत है, लेकिन चार जिलों में सामने आए मामलों से सबक लेते हुए अब स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में राज्यभर में High-Risk Pregnancy Monitoring और Maternal Healthcare को लेकर नई कार्ययोजना लागू की जा सकती है।