4 दिन तक चला बड़ा ऑपरेशन! अस्पतालों की खुली पोल, अब हर जिले में सख्त मॉनिटरिंग का आदेश
24 से 27 जून तक प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाओं की हुई गहन जांच, प्रमुख शासन सचिव ने CMHO को दिए सख्त निर्देश
अनन्य सोच। राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ के निर्देश पर 24 जून से 27 जून तक, यानी पूरे 3 दिनों तक, मुख्यालय के जिला प्रभारियों के दलों ने सभी जिलों की हेल्थ सर्विसेज का सघन इंस्पेक्शन किया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग, मेडिकल इक्विपमेंट की स्थिति, फायर व इलेक्ट्रिकल ऑडिट, दवाइयों के स्टोरेज, अस्पताल भवनों और एम्बुलेंस की हालत जैसे अहम बिंदुओं की बारीकी से जांच की गई।
शनिवार को स्वास्थ्य भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राठौड़ ने सिरोही, उदयपुर, कोटा, जालोर सहित सभी जिलों के सीएमएचओ और प्रभारियों से सीधा फीडबैक लिया। उन्होंने साफ कहा कि जर्जर भवनों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाए और हर प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित हो। फैसिलिटी इंचार्ज को व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच कर सुधार लाने और सीएमएचओ को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रमुख शासन सचिव ने हर जिले में छपी न्यूज़ रिपोर्ट्स पर भी सीधा एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों से समाचारों में उठाए गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और कहा कि किसी भी शिकायत पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके अलावा एक बड़ा ऐलान भी हुआ — राठौड़ ने निर्देश दिए कि 10 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 104 एम्बुलेंस की 600 गाड़ियां पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि वर्तमान सेवा प्रदाता से हैंड ओवर-टेक ओवर की प्रक्रिया 29 जून तक पूरी कर ली जाएगी, साथ ही खराब वाहनों की जगह रेंटल मोड पर नई गाड़ियां चलाई जाएंगी।
वीसी में निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित तमाम जिलों के सीएमएचओ और अधिकारी मौजूद रहे।