सरोद, सितार और स्लाइड गिटार की तिकड़ी ने बांधा ऐसा समां, झूम उठे जयपुर के संगीत प्रेमी

राग श्री की गंभीरता, पीलू की मिठास और सुरदासी मल्हार का लालित्य — तीन साजों की एक अनूठी जुगलबंदी ने जेकेके के सभागार को सुरों से सराबोर कर दिया। जानिए उस शाम की पूरी कहानी।

Jul 17, 2026 - 18:11
Jul 17, 2026 - 18:14
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सरोद, सितार और स्लाइड गिटार की तिकड़ी ने बांधा ऐसा समां, झूम उठे जयपुर के संगीत प्रेमी

अनन्य सोच। विचित्र वीणा के अजीम फनकार पं. गोपाल कृष्ण शर्मा की जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में गोपाल कृष्ण स्ट्रिंग्स फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को जवाहर कला केन्द्र के रंगायन सभागार में Classical Music Evening 'शास्त्रीय संगीत संध्या बैठक-2026' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डॉ. चंद्रिमा रॉय मजूमदार ने Sarod, उस्ताद सईद जफर ने Sitar और पं. अक्षत शर्मा ने Slide Guitar पर राग श्री, पीलू और सुरदासी मल्हार की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का दिल जीत लिया।

तीनों फनकारों ने आलाप, जोड़ और झाला के बाद विलंबित, मध्य और द्रुत लय की बंदिशों को बड़ी नजाकत से पेश किया। उनकी Tantrakari और Gayaki Ang की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को खासा प्रभावित किया। कार्यक्रम की शुरुआत अक्षत शर्मा ने Slide Guitar पर राग श्री से की, जिसके बाद दादरा तीन ताल में राग पीलू की सुरीली धुन ने माहौल में मिठास घोल दी।

डॉ. चंद्रिमा रॉय मजूमदार ने Sarod पर राग सुरदासी मल्हार का लालित्य दर्शाते हुए अपनी गहरी संगीत साधना का परिचय दिया। वहीं दिल्ली घराने के प्रतिष्ठित Sitar वादक उस्ताद सईद जफर ने जेजेवंती राग की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गत, ताने और मींड़ जैसे तकनीकी पक्षों का सुंदर संयोजन भी सुनने को मिला।

तबले पर उस्ताद अख्तर हसन और दिनेश खींची ने अपनी सधी हुई संगत से कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी। शुरुआत में फाउंडेशन की डायरेक्टर स्वाति शर्मा ने संस्था के संगीत सफर पर प्रकाश डाला और अंत में सभी आगंतुकों का आभार जताया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की इस उत्कृष्ट परंपरा को सजीव करने वाला यह आयोजन जयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए यादगार शाम बन गया।