शून्य से शुरू, शून्य में विलीन! नवीन स्वामी की पेंटिंग्स में छुपा है जिंदगी का सबसे बड़ा फलसफा
जयपुर की सुरेख आर्ट गैलरी में सजी ऐसी Exhibition, जो कला प्रेमियों को अपनी ही जिंदगी से रूबरू करा रही है। ज्यामितीय आकृतियों और सीमित रंगों के जरिए कलाकार ने इंसान के डर, अहंकार और संवेदनाओं को कैनवास पर उतारा है।
अनन्य सोच। कला और दर्शन का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है, जो सीधे दर्शक के मन को छू जाए। जवाहर कला केंद्र स्थित सुरेख आर्ट गैलरी में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को चित्रकार नवीन स्वामी की एकल Painting Exhibition का शुभारंभ हुआ। वरिष्ठ चित्रकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह में शहर की जानी-मानी कला हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें वरिष्ठ चित्रकार श्री नाथूलाल, डॉ. मीनू श्रीवास्तव, शब्बीर हसन काज़ी, जगमोहन मथुरिया, मनीष शर्मा, फिल्म निर्देशक सुरेश मुद्गल तथा वरिष्ठ मूर्तिकार श्री बाकर नकवी शामिल थे। सभी अतिथियों ने बारीकी से कलाकृतियों का अवलोकन किया और नवीन स्वामी की Artistic Vision की जमकर सराहना की।
आखिर क्या है इस प्रदर्शनी की खास बात?
दरअसल, इस प्रदर्शनी की जान है ‘शून्य’ की अवधारणा। कलाकार नवीन स्वामी का मानना है कि इंसान का जीवन शून्य से शुरू होकर अंततः शून्य में ही विलीन हो जाता है। इसी गहरे दार्शनिक चिंतन को उन्होंने अपनी हर पेंटिंग का आधार बनाया है। काले रंग की प्रधानता वाली इन कलाकृतियों में सरल आकारों और सीमित रंगों के जरिए स्थिरता व गति, प्रकाश व छाया का अनूठा तालमेल दिखाई देता है।
लेकिन असली कमाल तो तब होता है जब दर्शक इन Geometric Shapes में खुद के भाव ढूंढने लगते हैं। निडरता, उत्तरदायित्व, स्पष्टवादिता, दूरदर्शिता, सहानुभूति, भय और अहंकार जैसे मानवीय मनोभाव इन कृतियों में प्रतीकात्मक रूप से जीवंत हो उठे हैं।
यह Art Exhibition 13 जुलाई 2026 तक सुरेख आर्ट गैलरी में कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी। अगर आप भी कला के माध्यम से जिंदगी के गहरे अर्थ तलाशना चाहते हैं, तो यह मौका बिल्कुल न चूकें।