₹163 करोड़ का बड़ा दांव! Indian Railways बदलेगा Parbhani–Mudkhed Rail Route की तस्वीर, Vande Bharat और Freight Trains को मिलेगी नई रफ्तार
Indian Railways ने रेल नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। South Central Railway के Parbhani–Mudkhed Rail Section पर ₹163 करोड़ की लागत से Electric Traction System Upgrade को मंजूरी मिल गई है। इस बदलाव के बाद Vande Bharat Express के संचालन को मजबूती मिलेगी, वहीं Freight Trains भी पहले से अधिक क्षमता और गति के साथ दौड़ सकेंगी। आखिर इस परियोजना से यात्रियों और रेलवे को क्या बड़ा फायदा मिलेगा, जानिए पूरी खबर।
अनन्य सोच। रेल मंत्रालय ने South Central Railway के Nanded Division स्थित Parbhani–Mudkhed Double Line Section पर आधुनिक Electric Traction System विकसित करने की स्वीकृति दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ₹163 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके तहत 164 ट्रैक किलोमीटर लंबे रेलखंड पर मौजूदा 1x25 KV Electric Traction System को अत्याधुनिक 2x25 KV System में बदला जाएगा। साथ ही बढ़ती बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए नई Power Supply Infrastructure भी तैयार की जाएगी।
यह रेलखंड High Utilized Network (HUN) Route-9 का अहम हिस्सा है, जो Ajmer, Indore, Khandwa, Akola, Purna, Mudkhed, Secunderabad, Mahbubnagar और Dhone जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ता है। रेलवे के लिए यह मार्ग यात्री और माल ढुलाई, दोनों दृष्टि से बेहद रणनीतिक माना जाता है।
नई 2x25 KV Electric Traction Technology लागू होने के बाद ट्रेनों को अधिक स्थिर और शक्तिशाली बिजली आपूर्ति मिलेगी। इससे भारी Freight Trains का संचालन आसान होगा और Vande Bharat Express जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों को भी बेहतर तकनीकी सपोर्ट मिलेगा। रेलवे का मानना है कि इससे ट्रेनों की परिचालन क्षमता बढ़ेगी, ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा और भविष्य में बढ़ने वाले रेल ट्रैफिक को संभालना भी आसान होगा।
यह परियोजना Indian Railways के वर्ष 2029-30 तक 3,000 Million Ton Freight Loading के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक Rail Infrastructure और मजबूत Electric Traction Network न केवल माल परिवहन को गति देंगे, बल्कि देश के हाई-डेंसिटी रेल कॉरिडोर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप भी तैयार करेंगे। आने वाले वर्षों में इस तरह की परियोजनाएं भारतीय रेलवे की क्षमता और गति, दोनों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित होंगी।