Arijit Singh Retirement: जिस आवाज़ ने प्यार और दर्द को गाया, वही आज खामोश हो गई.... जाने क्या है मामला
Ananya soch: Arijit Singh playback singing retirement news
अनन्य सोच। Arijit Singh Retirement: भारतीय संगीत जगत के लिए 27 जनवरी 2026 एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन बन गया, जब बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और संवेदनशील गायकों में शुमार अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने की घोषणा की. करोड़ों दिलों की धड़कन बन चुकी आवाज़ के मालिक अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक भावुक संदेश में बताया कि वे अब फिल्मों के लिए नए प्लेबैक असाइनमेंट नहीं लेंगे. उन्होंने लिखा, “यह एक अद्भुत यात्रा थी, जिसे अब यहीं विराम दे रहा हूँ.” इस अप्रत्याशित ऐलान से न सिर्फ उनके प्रशंसक, बल्कि पूरा फिल्म और संगीत उद्योग स्तब्ध रह गया है. पिछले लगभग डेढ़ दशक में अरिजीत सिंह ने ‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’, ‘केसरिया’ जैसे अनगिनत सुपरहिट गीतों के जरिए प्रेम, विरह, दर्द और उम्मीद की भावनाओं को अपनी आवाज़ दी. उनकी गायकी ने हर पीढ़ी के श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई. हालांकि संन्यास की घोषणा के साथ अरिजीत ने यह भी स्पष्ट किया कि वे संगीत से पूरी तरह दूर नहीं हो रहे हैं. वे स्वतंत्र रूप से संगीत रचना जारी रखेंगे और अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं को पूरा करेंगे, जिसके चलते 2026 में उनके कुछ रिकॉर्ड किए गए गीत रिलीज हो सकते हैं.
सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, अरिजीत सिंह भारतीय शास्त्रीय संगीत की ओर लौटने और खुद को एक विद्यार्थी के रूप में फिर से तलाशने की इच्छा रखते हैं. वे स्टारडम से दूर रहकर रचनात्मक स्वतंत्रता और आत्मिक संतोष पर ध्यान देना चाहते हैं. गौरतलब है कि यह फैसला उनके करियर के शिखर पर आया है. वर्ष 2025 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और हाल ही में सलमान खान अभिनीत फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए गाया गया गीत ‘मातृभूमि’ उनकी आखिरी प्रमुख प्लेबैक प्रस्तुतियों में शामिल माना जा रहा है.
सादगी और विनम्रता के लिए पहचाने जाने वाले अरिजीत सिंह हमेशा चकाचौंध से दूर रहे. हाल ही में कोलकाता में एक निजी समारोह में उनका लाइव परफॉर्मेंस भी चर्चा में रहा. उनके संन्यास की खबर के बाद सोशल मीडिया पर #ArijitSinghRetirement और #EndOfAnEra जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे. फैंस ने भावुक संदेशों के जरिए बताया कि कैसे अरिजीत की आवाज़ ने उनकी जिंदगी के हर अहम मोड़ पर साथ दिया.
2013 में ‘आशिकी 2’ के गीत ‘तुम ही हो’ से शुरू हुआ अरिजीत सिंह का सफर राष्ट्रीय पुरस्कारों, बहुभाषी गायकी और वैश्विक लोकप्रियता तक पहुंचा. उनका यह फैसला भले ही संगीत प्रेमियों के लिए पीड़ादायक हो, लेकिन उनकी विरासत अमर रहेगी. अरिजीत सिंह की आवाज़ आने वाली पीढ़ियों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी.