एनसीआर राजस्थान में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, बहु-आयामी कार्ययोजना पर दिया गया जोर
Ananya soch: High-level review meeting on air pollution control
अनन्य सोच। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Air Quality Management Commission) (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को Rajasthan State Pollution Control Board (RSPCB) मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में एनसीआर राजस्थान के अंतर्गत आने वाले अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी क्षेत्रों में वायु प्रदूषण नियंत्रण, प्रबंधन तथा भावी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस अवसर पर सीएक्यूएम एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि एनसीआर से जुड़े राजस्थान के क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करना समय की आवश्यकता है. उन्होंने मीयावाकी तकनीक से सघन पौधारोपण, सार्वजनिक परिवहन के अधिकाधिक उपयोग तथा सफाई व्यवस्था में आधुनिक तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया. वर्मा ने अलवर, भरतपुर एवं भिवाड़ी के वार्षिक सिटी एक्शन प्लान की समीक्षा करते हुए उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) एवं एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइसेस (एपीसीडी) की स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे प्रदूषण मानकों के अनुपालन की निगरानी और अधिक सुदृढ़ हो सके.
उन्होंने आगामी दो वर्षों में सड़कों की संपूर्ण चौड़ाई पर पैविंग एवं हरित पट्टी के निर्माण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे धूल प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. साथ ही सड़कों पर अवैध पार्किंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई, अरावली क्षेत्र में अधिकाधिक पौधारोपण तथा संबंधित हितधारकों के साथ जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए.
बैठक में EV charging infrastructure के विकास को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए इस पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई. वर्मा ने कहा कि अधिक चार्जिंग प्वाइंट उपलब्ध होने से आमजन इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. उन्होंने ई-वाहनों में प्रयुक्त बैटरियों की रिसाइक्लिंग तथा सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी बल दिया.
परिवहन एवं यातायात प्रबंधन पर चर्चा करते हुए वर्मा ने एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों की पहचान, जब्ती एवं स्क्रैपिंग की प्रगति की समीक्षा की. साथ ही मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स एवं ई-कॉमर्स डिलीवरी सेवाओं द्वारा क्लीन मोबिलिटी को शीघ्र अपनाने तथा एएनसीआर क्षेत्रों में डीजल ऑटो रिक्शा को 31 दिसंबर 2026 तक चरणबद्ध रूप से हटाने की दिशा में चर्चा की गई. यातायात प्रबंधन के तहत इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, एएनपीआर कैमरों की स्थापना, ट्रैफिक कंजेशन प्वाइंट्स की पहचान एवं पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर भी विचार-विमर्श हुआ.
बैठक में ठोस अपशिष्ट एवं सी एंड डी वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए लिगेसी वेस्ट, डंप साइट्स तथा दैनिक उत्पन्न कचरे के निस्तारण की प्रगति पर चर्चा की गई. निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न अपशिष्ट को अन्य परियोजनाओं में उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. साथ ही प्रदूषण नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तरीय विशेष टास्क फोर्स के गठन तथा उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर जोर दिया गया.
बैठक में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आनंद कुमार, आरएसपीसीबी अध्यक्ष आलोक गुप्ता, सीएक्यूएम के सदस्य सचिव (तकनीकी) डॉ. विरेन्द्र शर्मा, सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोड़े सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.