“दीक्षांत में डिग्री के साथ गूंजा सच का संदेश, हंगामे के बीच भी पत्रकारिता मूल्यों पर जोर”

जयपुर में तृतीय दीक्षांत समारोह बना चर्चा का केंद्र, थियटर आर्टिस्ट सागर किराड सहित अन्य को मिली डिग्री।

“दीक्षांत में डिग्री के साथ गूंजा सच का संदेश, हंगामे के बीच भी पत्रकारिता मूल्यों पर जोर”

Ananya soch: Convocation 2026

अनन्य सोच। हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ संपन्न हुआ, लेकिन कार्यक्रम के दौरान हुए हंगामे ने इसे चर्चा का विषय भी बना दिया। इसके बावजूद मंच से पत्रकारिता के मूल्यों, जिम्मेदारी और भारतीय ज्ञान परंपरा को लेकर मजबूत संदेश दिया गया।

राज्यपाल का संदेश—पत्रकारिता में विचार संस्कृति जरूरी

राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार तक सीमित न रहे, बल्कि उसमें विचार और संस्कृति का समावेश भी होना चाहिए। उन्होंने गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान पत्रकारों को याद करते हुए विद्यार्थियों को भारतीय परंपरा से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रेस की स्वतंत्रता आवश्यक है, लेकिन स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में अंतर समझना भी उतना ही जरूरी है

देवनानी बोले—पत्रकारिता पेशा नहीं, मिशन है

मुख्य अतिथि वासुदेव देवनानी ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने 1975 का आपातकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि सशक्त पत्रकारिता ने हमेशा सत्य की रक्षा की है।

उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि सबसे पहले नहीं, बल्कि सबसे सही बनने की होड़ रखें, खासकर फेक न्यूज और डिजिटल दौर की चुनौतियों के बीच।

डॉ. बैरवा का आह्वान—निष्पक्षता ही पत्रकारिता की ताकत (Journalism Values India) 

विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है और इसकी विश्वसनीयता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और वस्तुनिष्ठता बनाए रखने का आग्रह किया।

 271 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

समारोह में 271 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 12 को स्वर्ण पदक और 35 विद्यार्थियों को वरीयता प्रमाण पत्र दिए गए। कुलगुरु नन्द किशोर पाण्डेय ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला।